कैमूर में नीलाम पत्र वादों पर डीएम सख्त: बकायेदारों के बैंक खाते और संपत्तियां होंगी कुर्क, 582 वारंटों पर जल्द गिरफ्तारी का आदेश

Updated:
विज्ञापन

निलाम पत्र वादों के समीक्षा में भाग लेते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

WhatsApp चैनल से जुड़ेंगूगल पर प्रभात खबर चुनें

कैमूर प्रशासन बकायेदारों पर शिकंजा कसने के लिए तैयार है. डीएम ने 501 करोड़ रुपये की वसूली के लिए बड़े बकायेदारों के बैंक खातों और संपत्तियों की कुर्की-जब्ती का आदेश दिया है. 582 लंबित वारंटों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.

विज्ञापन

Kaimur News: जिले में विभिन्न विभागों और बैंकों के बकायेदारों से सरकारी राजस्व की वसूली के लिए प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है. शुक्रवार को समाहरणालय स्थित मुंडेश्वरी सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने अगस्त माह तक के नीलाम पत्र (सर्टिफिकेट केस) वादों की समीक्षा की. डीएम ने निर्देश दिया कि बड़े बकायेदारों पर शिकंजा कसते हुए उनके बैंक खातों और चल-अचल संपत्तियों की कुर्की-जब्ती की जाए तथा लंबित गिरफ्तारी वारंटों का शत-प्रतिशत तामिला कराया जाए.

विज्ञापन

501 करोड़ के 17 हजार से अधिक वाद लंबित, वसूली धीमी होने पर जताई नाराजगी

समीक्षा के दौरान सामने आया कि जिले के विभिन्न नीलाम पत्र न्यायालयों में कुल 17,867 वाद दर्ज हैं, जिनमें लगभग 501.80 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि फंसी हुई है. अब तक केवल 380 वादों का निष्पादन कर 9.19 करोड़ रुपये की वसूली की जा सकी है, जिसमें अगस्त माह में 40 मामलों से वसूले गए 1.06 करोड़ रुपये शामिल हैं. वादों के निष्पादन की इस धीमी गति पर जिलाधिकारी ने गहरा असंतोष व्यक्त किया और सभी नीलाम पत्र अधिकारियों को त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने की हिदायत दी.

टॉप-10 बड़े बकायेदारों पर एक्शन, 582 बॉडी वारंट लंबित

जिले के थानों में वर्तमान में 582 बॉडी वारंट और 180 डिस्ट्रेस वारंट लंबित हैं. डीएम ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (एसडीपीओ) और सभी थानाध्यक्षों को आपसी तालमेल बनाकर वारंटों का तत्काल तामिला कराने का निर्देश दिया. साथ ही जिले के 10 सबसे बड़े बकायेदारों को जारी नोटिसों की सुनवाई जल्द पूरी करने और जिन मामलों में आपत्ति खारिज हो चुकी है या वारंट जारी है, उनमें बैंक खाते फ्रीज करने, संपत्तियों को जब्त करने और गिरफ्तारी की कार्रवाई तेज करने को कहा.

बैंकों के 222 करोड़ फंसे, डाटा मिलान का टास्क

समीक्षा में पाया गया कि सबसे अधिक 222.37 करोड़ रुपये के मामले विभिन्न बैंकों से संबंधित हैं. डीएम ने बैंक प्रबंधकों और नीलाम पत्र पदाधिकारियों को संयुक्त रणनीति बनाकर रिकवरी में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके अलावा नीलाम पत्र शाखा और विभागों के प्रपत्रों का शत-प्रतिशत मिलान करने को कहा गया ताकि आंकड़ों में कोई विसंगति न रहे. बैठक में एडीएम, मोहनियां व भभुआ के एसडीएम, डीसीएलआर, जिला नीलाम पत्र पदाधिकारी सहित सभी सीओ, बीडीओ और बैंकों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे.

Also Read: कैमूर के रामगढ़ में 4 दिन से लापता 16 वर्षीय किशोर का धान के खेत में मिला शव: घास काटने निकली मां की पड़ी नजर, मचा कोहराम

आपके शहर में

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन