आर्मी जवान को जिंदा जलाने के प्रयास में एक्शन, पीआर बॉन्ड पर छूटे तीनों फिर गिरफ्तार
रामगढ़ थाने में पकड़े गए तीनों आरोपित | Prabhat Khabar Network
रामगढ़ में आर्मी जवान को जिंदा जलाने के प्रयास के मामले में पुलिस ने तीनों आरोपितों को फिर से गिरफ्तार कर लिया है। जानिए क्या है पूरा मामला।
प्रतिनिधि, रामगढ़. सहूका गांव निवासी आर्मी जवान शत्रुधन यादव को स्कॉर्पियो के अंदर जिंदा जलाकर मारने के प्रयास के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की. पीआर बॉन्ड पर छोड़े गये तीनों आरोपितों को पुलिस ने दोबारा गिरफ्तार कर लिया. तीनों को रामगढ़ नगर पंचायत के वार्ड नंबर-1 स्थित उनके घर से गिरफ्तार कर थाने लाया गया.
अनुसंधान में साक्ष्य मिलने के बाद हुई गिरफ्तारी
थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि अनुसंधान के दौरान आरोपितों के विरुद्ध कुछ साक्ष्य मिले हैं. जिले के कप्तान शिखर चौधरी के निर्देश पर यह कार्रवाई की गयी है. गिरफ्तार आरोपितों में ब्रजेश कुमार सिंह, पिता हृदय नारायण सिंह, बीरेंद्र यादव, पिता शंभू यादव तथा दीपक यादव, पिता बीरेंद्र यादव शामिल हैं. तीनों रामगढ़ वार्ड नंबर-1 के निवासी हैं.
तीनों के खिलाफ दर्ज है मामला
तीनों आरोपितों के विरुद्ध रामगढ़ थाना कांड संख्या 258/26, दिनांक 9 सितंबर 2026 में बीएनएस की धारा 109(1), 126(2), 115(2), 356(ए), 324(4) एवं 3(5) के तहत मामला दर्ज है. पुलिस के अनुसार तीनों को शनिवार को न्यायिक हिरासत में भेजा जायेगा.
स्कॉर्पियो में जवान को जिंदा जलाने के प्रयास का मामला
बताते चलें कि बुधवार की अहले सुबह रामगढ़ नगर पंचायत वार्ड नंबर-1 में खड़ी स्कॉर्पियो के अंदर सहूका गांव निवासी आर्मी जवान शत्रुधन यादव को जिंदा जलाने के प्रयास का मामला सामने आया था. गंभीर रूप से घायल जवान का वाराणसी के ट्रामा सेंटर में इलाज चल रहा था. घायल जवान के फर्द बयान के आधार पर पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था.

40 घंटे की जांच के बाद पीआर बॉन्ड पर छोड़ा था
पुलिस ने करीब 40 घंटे तक मामले का अनुसंधान किया. इस दौरान सामने आये सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने घटनाक्रम की पड़ताल की. इसके बाद गुरुवार की शाम तीनों आरोपितों को पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया था.
आरोपितों की दोबारा गिरफ्तारी की मांग को लेकर पहुंचे ग्रामीण
तीनों आरोपितों के छोड़े जाने के बाद शुक्रवार को आर्मी जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह, घायल जवान के भाई के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण रामगढ़ थाने पहुंचे. उन्होंने तीनों आरोपितों की दोबारा गिरफ्तारी की मांग की. घायल जवान की पत्नी बिंदु कुमारी सिंह ने कहा कि उनके पति जीवन और मृत्यु की जंग लखनऊ के आर्मी हॉस्पिटल में लड़ रहे हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि बिना किसी ठोस सबूत के तीनों लोगों को किस आधार पर छोड़ दिया गया.
एसपी से मिलकर परिजनों ने लगायी न्याय की गुहार
परिजनों ने बात नहीं बनते देख जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी शिखर चौधरी से मुलाकात की और न्याय की गुहार लगायी. परिजनों और ग्रामीणों की मांग के बीच वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने तीनों आरोपितों को दोबारा गिरफ्तार कर लिया.

आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी पुलिस
थानाध्यक्ष सुमित कुमार ने बताया कि अनुसंधान के दौरान तीनों आरोपितों के विरुद्ध कुछ साक्ष्य मिले हैं. वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर तीनों की गिरफ्तारी की गयी है. मामले में पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है.
सीसीटीवी फुटेज की जांच पर टिकी नजर
दोबारा गिरफ्तारी के बाद अब इस पूरे मामले की जांच किस दिशा में जाती है, सीसीटीवी फुटेज से सामने आये तथ्यों का पुलिस किस तरह सत्यापन करती है, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं.
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