कैमूर में 11 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों का उद्घाटन, अब गांवों के छात्रों को भी मिलेगी स्मार्ट शिक्षा

Author Vikash kumar|Edited by Vivek Singh
Updated:
विज्ञापन
फोटो.10. समारोह के दौरान डीएम व अन्य अधिकारी11. सज धज कर तैयार विद्यालय | Prabhat Khabar Network

फोटो.10. समारोह के दौरान डीएम व अन्य अधिकारी11. सज धज कर तैयार विद्यालय | Prabhat Khabar Network

कैमूर जिले में शिक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू हुआ है, जहाँ 11 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूलों का उद्घाटन किया गया है. ये स्कूल स्मार्ट क्लासरूम और आधुनिक लैब से सुसज्जित हैं, जिनका उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है. इससे ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को बड़े शहरों की ओर पलायन किए बिना बेहतर अवसर मिलेंगे.

विज्ञापन

Saraswati Vidya Niketan Kaimur : कैमूर जिले के लिए रविवार का दिन शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक साबित हुआ. मुख्यमंत्री ने राज्यस्तरीय कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से जिले के 11 सरस्वती विद्या निकेतन (आदर्श विद्यालय) का उद्घाटन किया. जिले का मुख्य समारोह भभुआ प्रखंड के महसूआ स्थित सरस्वती विद्या निकेतन में आयोजित हुआ, जहां जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह, उप विकास आयुक्त, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षक, अभिभावक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे. कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन का सीधा प्रसारण एलईडी स्क्रीन पर किया गया.

11 प्रखंडों में शुरू हुए मॉडल स्कूल

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक शिक्षा विकसित बिहार की मजबूत नींव है. उन्होंने शिक्षा में तकनीक, नवाचार और समावेशी व्यवस्था को समय की जरूरत बताते हुए विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया. कैमूर जिले के 11 प्रखंडों में एक-एक सरस्वती विद्या निकेतन की शुरुआत की गई है. इनमें भभुआ के महसूआ, भगवानपुर के जैतपुरकला, अधौरा के बहेरा, चैनपुर के चिताढ़ी, चांद के बहुआरा, दुर्गावती के धनेच्छा, मोहनियां के बरहुली, रामगढ़ के देवहलिया, नुआंव के बनका बहुआरा, कुदरा के जहानाबाद और रामपुर के नौहट्टा स्थित विद्यालय शामिल हैं.

स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब से होगी पढ़ाई

इन मॉडल स्कूलों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के अनुरूप विकसित किया गया है. विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान एवं कंप्यूटर प्रयोगशालाएं, डिजिटल शिक्षण संसाधन, समृद्ध पुस्तकालय, खेल सामग्री और स्वच्छ परिसर की व्यवस्था की गई है. उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा देना नहीं, बल्कि छात्रों में वैज्ञानिक सोच, डिजिटल साक्षरता, नेतृत्व क्षमता और जीवन कौशल का विकास करना भी है.

राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप होगा संचालन

शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इन विद्यालयों का संचालन राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप किया जाएगा. गतिविधि आधारित शिक्षण, कौशल विकास, नवाचार और तकनीक आधारित पढ़ाई को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के साथ उनकी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलेगा.

ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा लाभ

जिला पदाधिकारी नितिन कुमार सिंह ने कहा कि सरस्वती विद्या निकेतन जिले की शिक्षा व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होंगे. अब ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा. जिला प्रशासन इन विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा. उन्होंने शिक्षकों से अनुशासन, नैतिक मूल्यों और नवाचार आधारित शिक्षा पर विशेष ध्यान देने तथा अभिभावकों से बच्चों की नियमित पढ़ाई में सहयोग करने की अपील की.

शिक्षा के क्षेत्र में नई शुरुआत

उद्घाटन के साथ ही सभी विद्यालयों में नियमित शैक्षणिक गतिविधियों का मार्ग प्रशस्त हो गया है. कार्यक्रम के अंत में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, शिक्षकों और अभिभावकों ने सरकार की इस पहल का स्वागत करते हुए विश्वास जताया कि आधुनिक संसाधनों और तकनीक आधारित शिक्षण से कैमूर के हजारों विद्यार्थियों को बेहतर भविष्य मिलेगा और जिले की शैक्षणिक पहचान नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगी.


विज्ञापन
Vikash Kumar

लेखक के बारे में

By Vikash Kumar

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन