अब आशा और आशा फैसिलिटेटर को मिलेगी तीन हजार मासिक पेंशन

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भभुआ सदर : सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से आशा और आशा फैसिलिटेटर को जोड़ा जायेगा. विभागीय पहल इसको लेकर तेज कर दी गयी है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने कैमूर सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार तिवारी को इस दिशा में काम करने का आदेश जारी किया है. गौरतलब […]

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भभुआ सदर : सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से आशा और आशा फैसिलिटेटर को जोड़ा जायेगा. विभागीय पहल इसको लेकर तेज कर दी गयी है. राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने कैमूर सिविल सर्जन डॉ अरुण कुमार तिवारी को इस दिशा में काम करने का आदेश जारी किया है.

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गौरतलब है कि असंगठित क्षेत्र के ऐसे कर्मचारी जिनकी आयु 18 से 40 वर्ष है व मासिक आय 15 हजार रुपये अथवा उससे कम है उनको यह सुविधा मिल सकेगी. योजना के अंतर्गत केंद्र सरकार व लाभार्थी की मासिक हिस्सेदारी 50-50 प्रतिशत होगी. इसके बाद 60 वर्ष की उम्र के बाद उनकी मृत्यु तक प्रत्येक महीने तीन हजार पेंशन मिलेंगे. सरकार ने असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए खासतौर पर स्कीम तैयार की है. जिसका नाम प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना है.
इस स्कीम के जरिये केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को रिटायर होने की उम्र के बाद पेंशन देने जा रही है. इस योजना के अंतर्गत उम्र के हिसाब से राशि जमा करनी होगी.
आशा को मिलेगी सुविधा : प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के बारे में सिविल सर्जन डॉ अरुण तिवारी ने बताया कि प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के तहत आशा और आशा फैसिलिटेटर योजना की सुविधा ले सकेंगे. इसके लिए लाभार्थी और केंद्र सरकार को आधे-आधे की हिस्सेदारी देनी होगी और 60 वर्ष की उम्र पूर्ण होने के बाद प्रत्येक महीने तीन हजार रुपये पेंशन की सुविधा मिलेगी.
इन्हें मिल सकेगा योजना का लाभ
18-40 उम्र के व्यक्ति इस स्कीम के लिए आवेदन कर सकते हैं
इस योजना में सदस्य अपने बैंक खाते से भी ऑटो-डेबिट के जरिये योगदान कर सकता है
श्रम मानधन योजना में जितनी राशि सदस्य की ओर से जमा होगी उतनी ही सरकार की तरफ से भी दी जायेगी
इस योजना में आवेदन करने के लिए कर्मचारियों के पास आधार कार्ड और बचत खाता होना अनिवार्य जरूरी है
अगर एक सदस्य योजना में 18 वर्ष की उम्र में ज्वाइन करता है तो उसे कम से कम 55 रुपये मासिक योगदान देना होगा, जिसके बाद रिटायरमेंट पर तीन हजार रुपये मासिक पेंशन मिलेगी
अगर सदस्य का निधन 60 वर्ष की उम्र से पहले हो जाता है तो उसका पति या पत्नी योजना में शामिल होकर इसे चालू रख सकते हैं और या नियमों के मुताबिक स्कीम को छोड़ कर पैसा प्राप्त कर सकते हैं
अगर पेंशन पाने के दौरान सदस्य का निधन हो जाता है तो उसके पति पत्नी को 50 प्रतिशत मासिक पेंशन मिलेगी.
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