एससी-एसटी एक्ट के तहत तीन अभियुक्तों को ढाई साल की सजा

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10 हजार रुपये अर्थदंड भी, नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भभुआ कोर्ट : एडीजे प्रथम रामरंग तिवारी की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट के तहत ढाई वर्ष कारावास की सजा चैनपुर निवासी स्वर्गीय जियाउद्दीन खां के पुत्र बबलू खां, डबलू खा व लड्डु खां को सुनायी है. वहीं, 10 हजार रुपये अर्थदंड की […]

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10 हजार रुपये अर्थदंड भी, नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा

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भभुआ कोर्ट : एडीजे प्रथम रामरंग तिवारी की अदालत ने एससी-एसटी एक्ट के तहत ढाई वर्ष कारावास की सजा चैनपुर निवासी स्वर्गीय जियाउद्दीन खां के पुत्र बबलू खां, डबलू खा व लड्डु खां को सुनायी है. वहीं, 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा भी मुकर्रर की है. अर्थदंड की राशि नहीं देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी.
गौरतलब है कि सूचिका पार्वती देवी एसटी-एससी थाना कांड संख्या 36/12 दर्ज कराते हुए बताया कि मेरी मां चैनपुर में अभियुक्तों के मकान के बगल में आवासीय भूखंड खरीदी थी. मां की मृत्यु हो जाने के बाद उस भूमि पर अभियुक्तों की गलत नियत हो गयी और उस जमीन में अपना दरवाजा भी खोल दिये और आने जाने लगे. मना करने पर गाली-गलौज देने लगते व मारपीट करने पर उतारू हो जाते थे. दो जून 2012 की दोपहर सूचिका अपने ससुराल चौसा (बक्सर) से वापस चैनपुर आयी, तो देखी कि तीनों मुदायल शौचालय बनाने के लिए उस जमीन पर टंकी के लिए गड‍्ढा खोदवाव रहे हैं.
मना करने पर सभी अभियुक्त सूचिका और उसके वृद्ध पिता के साथ मारपीट की और भद्दी-भद्दी गाली दी. न्यायालय ने तीनों अभियुक्तों को दोषी पाते हुए भादवि की धारा 323 में छह माह, एससी-एसटी की धारा 3(I)(V) में ढाई वर्ष और 10 हजार रुपये अर्थदंड, एससी-एसटी 3(I)(X) में ढाई वर्ष और 10-10 हजार अर्थदंड की राशि की सजा दी है. सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी. मुदई की तरफ से वीरेंद्र सिंह व एससी-एसटी विशेष लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने दलील पेश की थी.
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