किसानों को लाभ पहुंचाने की जगह वाहवाही लूट रही सरकार
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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भभुआ सदर : केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा गुरुवार को पेश किये गये आम बजट के प्रति शहर के लोगों, किसानों व मजदूरों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कुछ आमलोगों का मानना है कि सरकार द्वारा इस बार भी बजट में कोई ठोस प्रावधान करने की बजाय आकड़ों के बाजी गिरी दिखायी गयी […]
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भभुआ सदर : केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली द्वारा गुरुवार को पेश किये गये आम बजट के प्रति शहर के लोगों, किसानों व मजदूरों ने भी अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. कुछ आमलोगों का मानना है कि सरकार द्वारा इस बार भी बजट में कोई ठोस प्रावधान करने की बजाय आकड़ों के बाजी गिरी दिखायी गयी है.
ठोस आधार नहीं बताया गया है. एक राय नहीं होने के चलते कहीं पर लोगों ने बजट की आलोचना की, तो कहीं पर बजट ने वाहवाही लूटी है. शहर के रहनेवाले और व्यापारी गुड्डु कुमार ने कहा कि करमुक्त आय की सीमा तीन लाख रुपये करने व पांच लाख रुपये तक की आय पर आयकर कम करना स्वागत योग्य है. इससे मध्य वर्ग के व्यापारियों को राहत मिलेगी. दो हजार रुपये से अधिक की राशि राजनीतिक दलों को नकद नहीं दे पाने पर भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगेगा. व्यवस्था में पारदर्शिता आयेगी.
किसान अवकाश कुमार कहते हैं कि बजट में किसानों के लिए कोई राहत नहीं दी गयी. 10 लाख करोड़ रुपये किसानों के कर्ज के लिए आवंटित करने के लिए बजट में प्रावधान करके सरकार वाहवाही लूटने का प्रयास कर रही है. लेकिन, किसानों की आमदनी बढ़ाने, कर्ज में डूबे किसानों को कर्ज चुकता करने के उपाय बजट में नहीं बताये गये. आंकड़ों से किसानों का भला होने वाला नहीं है.
गृहिणी व सामाजिक कार्यकर्ता तान्या जाफरी ने कहा कि गर्भवती महिलाओं के लिए छह हजार रुपये की राशि देने का प्रावधान स्वागत योग्य है. भगौड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने का प्रावधान करने से सरकार को खजाने में इजाफा होगा तथा लोग ऋण चुकता करने में भी अपनी भलाई समझेंगे.
मुसाफिर सिंह वकील कहते हैं कि संपत्ति जब्त करने की बात बजट में कही गयी है. लेकिन, उसके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं बताये गये. बड़े घोटालेबाजों के लिए भी कोई कड़े नियमों का प्रावधान बजट में दिखाई नहीं दे रहा. केवल आंकड़ों के माध्यम से लोगों को लुभाने का प्रयास किया गया है. बजट में आवंटित की गयी राशि राज्य सरकारों के माध्यम से खर्च की जायेगी. उसके लिए भी कोई स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं है.
व्यापारमंडल अध्यक्ष असलम अंसारी कहते हैं कि बजट में रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा कोई कदम नहीं उठाये गये हैं.
नोटबंदी से हुए किसानों के घाटे की भरपाई के लिए भी कोई प्रावधान नहीं किया गया. नोटबंदी के कारण मंद हुई विकास दर को पटरी पर लाने का प्रावधान भी दिखाई नहीं दे रहा. वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी इस बार बजट में कोई राहत नहीं दिखाई दे रही.
बजट में आयकर छूट पर कोई खास प्रावधान नहीं है. तीन लाख की आयकर में छूट दी गयी है. तीन से पांच लाख तक आयवालों को टैक्स में पांच फीसद की छूट का प्रावधान किया गया है. कर अदायगी के मामले में अब तक कोई बड़ा निर्णय नहीं हो सका है.
वकील सिंह, वरीय अधिवक्ता
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