जहानाबाद में बाढ़ का कहर बरकरार, हजारों एकड़ धान की फसल डूबी; पुलों पर 5 फीट तक पानी

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बाढ़ के पानी में डूबा गांव

जहानाबाद में नदियों का जलस्तर स्थिर होने से लोगों को राहत मिली है। हालांकि, हजारों एकड़ धान की फसल अभी भी पानी में डूबी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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flood in jehanabad : जहानाबाद जिले में बाढ़ की स्थिति फिलहाल स्थिर जरूर हुई है, लेकिन संकट टला नहीं है. दरधा, मोरहर और बलदाइया नदियों के जलस्तर में रात के दौरान करीब दो फीट की बढ़ोतरी हुई, लेकिन सुबह से शाम तक करीब डेढ़ फीट पानी घट गया. इससे लोगों ने थोड़ी राहत की सांस ली है. हालांकि नदियों का जलस्तर अभी भी सामान्य से काफी ऊपर है और जिले का पश्चिमी-दक्षिणी इलाका बाढ़ की चपेट में है.

आपके शहर में

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दर्जनभर गांव बाढ़ से घिरे, धान की फसल पानी में डूबी

रतनी फरीदपुर प्रखंड के कई गांवों में बाढ़ का पानी अब भी जमा है. इमादपुर, करौता, बसंतपुर समेत करीब एक दर्जन गांव बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हैं. रात में जलस्तर बढ़ने के कारण कई गांवों में पानी प्रवेश करने की स्थिति बन गई थी, लेकिन दिन में पानी घटने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.

बाढ़ का सबसे बड़ा असर किसानों पर पड़ा है. जिले में हजारों एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है. दूर-दूर तक खेतों में धान की फसल की जगह सिर्फ पानी नजर आ रहा है. इससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है.

सड़कों पर बह रहा पानी, पुल भी डूबे

रतनी फरीदपुर प्रखंड के आलमपुर के पास सड़क पर अब भी पानी बह रहा है. शकूराबाद बाजार के पास पुल पर पांच फीट से अधिक पानी चढ़ गया है. इसके कारण आवागमन बुरी तरह प्रभावित है और लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.

जाफरगंज पुल की रेलिंग पानी में समाई

शहर में भी बाढ़ का असर कम नहीं हुआ है. दरधा नदी का जलस्तर रात में करीब दो फीट बढ़ गया था, हालांकि दिन में डेढ़ फीट की कमी दर्ज की गई. जाफरगंज पुल की पूरी रेलिंग पानी में समा गई है. अब पुल की रेलिंग कहीं से नजर नहीं आ रही है. एसएस कॉलेज पुल के ऊपर भी पांच फीट से अधिक पानी बह रहा है.

ठाकुरबाड़ी मैदान तक बाढ़ का पानी पहुंच चुका है. मैदान में पानी चढ़ने में अब केवल एक सीढ़ी का अंतर रह गया है.

निचले मोहल्लों में रहने वाले लोग घर छोड़ने को मजबूर

जाफरगंज, अंबेडकर नगर और होरिलगंज के निचले इलाकों में अब भी बाढ़ का पानी जमा है. रात में जलस्तर बढ़ने से इन इलाकों के लोगों की परेशानी बढ़ गई थी. दिन में पानी घटने से कुछ राहत जरूर मिली है, लेकिन खतरा अभी बना हुआ है.

निचले इलाकों के कई परिवार ऊपरी मंजिल पर चले गए हैं, जबकि कुछ लोग रिश्तेदारों और आसपास के लोगों के घरों में रात गुजार रहे हैं. जिन गरीब परिवारों के पास जाने के लिए कोई सुरक्षित जगह नहीं है, उन्होंने स्कूलों में शरण ले रखी है.

पूरी तरह पानी में समाया हुआ जाफरगंज का पुल पहले और दूसरा फोटो  ठाकुरबारी के दरधा जमुना संगम स्थल पर नदी में बाढ़ का पानी फोटो नंबर 3 होरिलगंज में सड़क पर फैले बाढ़ के पानी से होकर आई-जाते लोग फोटो नंबर 4 | Prabhat Khabar Network
चारों तरफ पानी का सैलाब

पानी में डूबी कई प्रमुख सड़कें

शहर की कई प्रमुख सड़कें पूरी तरह पानी में समा गई हैं. खान बहादुर रोड से पाठक टोली, श्याम नगर से शक्तिनगर, हैदरसलामी के पास नदी किनारे से राजाबाजार जाने वाली सड़क और होरिलगंज से प्रेमनगर जाने वाली सड़क पर बाढ़ का पानी बह रहा है.

आवागमन बाधित होने के कारण लोगों को घर से बाजार और बाजार से घर जाने के लिए बाढ़ के पानी में उतरना पड़ रहा है. इससे बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है.

प्रशासन 24 घंटे कर रहा निगरानी

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है. जिले के सभी प्रखंडों में प्रशासनिक अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है. अधिकारियों की ओर से प्रभावित इलाकों की स्थिति और नदियों के जलस्तर पर 24 घंटे नजर रखी जा रही है.

फिलहाल दिन में नदियों के जलस्तर में कमी से लोगों को थोड़ी राहत मिली है, लेकिन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पानी पूरी तरह नहीं उतरने से खतरा बरकरार है.

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