प्रदेश में भले आदमी की सरकार नहीं: राजीव
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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पिछड़ा आयोग का गठन केंद्र सरकार का अभूतपूर्व निर्णय जहानाबाद नगर : प्रदेश में भले आदमी की नहीं डकैतों की सरकार है. कानून व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गयी है. इस सरकार में तीन ही काम हो रहे हैं बालू माफिया, शराब माफिया और कमीशनखोरी. पहले दुकानों में शराब मिलती थी अब होम डिलेवरी हो […]
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पिछड़ा आयोग का गठन केंद्र सरकार का अभूतपूर्व निर्णय
जहानाबाद नगर : प्रदेश में भले आदमी की नहीं डकैतों की सरकार है. कानून व्यवस्था पूरी तरह खत्म हो गयी है. इस सरकार में तीन ही काम हो रहे हैं बालू माफिया, शराब माफिया और कमीशनखोरी. पहले दुकानों में शराब मिलती थी अब होम डिलेवरी हो गयी है. अंगरेजी शराब की बिक्री दोगुनी हो गयी है दाम ढाई गुणा बढ़ गया है. उक्त बातें भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता पूर्व विधायक राजीव रंजन ने कही. स्थानीय हैरिटेज पैलेस में पत्रकार वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि पिछड़ा आयोग का गठन प्रधानमंत्री जी का एक अभूतपूर्व निर्णय है जिसे पार्टी हर हाल में संसद से पास करायेगी. महागंठबंधन के नेताओं द्वारा इसका विरोध किया जा रहा है
क्योंकि वे नहीं चाहते कि पिछड़ा व अतिपिछड़ा भी आगे बढ़े. महागंठबंधन के कथनी और करनी में काफी अंतर है. यह गंठबंधन पिछड़ा व अतिपिछड़ा विरोधी है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पिछड़ा-अतिपिछड़ा के लिए एक ऐसा आयोग बनाने का प्रयास किया गया है जिसे पावर हो. सदन में जब इसे पेश किया गया तो महागंठबंधन के किसी नेता ने भी इसका विरोध नहीं किया लेकिन उनके मन में खोट है. वे नहीं चाहते कि पिछड़ों को न्याय मिले.
इसी सोच के कारण राज्य सभा में इस बिल को पास नहीं होने दिया और इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया, ताकि बिल को ठंडे बस्ते में डाला जाये, लेकिन भाजपा इस बिल को हर हाल में पास करायेगी. उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार दलितों के लिए एक आयोग का गठन किया गया, जिसको संवैधानिक पावर दिया गया. लेकिन अब तक कोई पिछड़ा आयोग नहीं बना जिसको संवैधानिक पावर हो. पिछले पांच सालों में पिछड़ा आयोग में लगभग 36 हजार शिकायतें आयी,
जिसमें सिर्फ 34 का ही निबटारा हो पाया. क्योंकि उनको कोई संवैधानिक पावर नहीं है. प्रधानमंत्री पिछड़ा और अतिपिछड़ा वर्ग के लिए बहुत ही संवेदनशील हैं. इसलिए संवैधानिक पावर देने के उद्देश्य से पिछड़ा आयोग का गठन का प्रस्ताव लोक सभा और राज्य सभा में पेश किया. उन्होंने कहा कि इस आयोग के गठन से समाज के सभी पिछड़े व अति पिछड़े वर्ग को न्याय मिलेगा. राष्ट्रीय सामाजिक एवं शैक्षिक पिछड़े वर्ग को अब इस आयोग के द्वारा संविधान में दलितों के तरह ही संवैधानिक पावर होगा. इस मौके पर पूर्व जिलाध्यक्ष नरेश कुमार सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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