आशा को करें नियमित भुगतान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिया निर्दे जहानाबाद (नगर) : समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई. बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने आशा के मानदेय का नियमित भुगतान […]
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डीएम ने जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में दिया निर्दे
जहानाबाद (नगर) : समाहरणालय स्थित ग्राम प्लेक्स भवन में जिलाधिकारी मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक हुई. बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करते हुए आवश्यक निर्देश दिये. उन्होंने आशा के मानदेय का नियमित भुगतान करने का निर्देश देते हुए पदाधिकारी को फटकार लगायी. डीएम ने स्वास्थ्य केंद्रों के आतुर वाहन के चालक को प्रतिदिन पारिश्रमिक पर रखने का निर्देश दिया. काको एवं सदर अस्पताल में चल रहे
आतुर वाहन के चालक को लगातार अनुपस्थित रहने की जानकारी मिलने पर डीएम ने उन दिनों का पारिश्रमिक काट कर उसका भुगतान करने को कहा, साथ ही कोई भी आतुर वाहन खराब होता है, तो उसकी जांच मोटर यान निरीक्षक से करवाने को कहा. डीएम ने स्वास्थ्य केंद्रों की साफ-सफाई तथा नर्स की उपलब्धता को सुनिश्चित करने का आदेश दिया. डीएम ने पिछले माह की समीक्षा करते हुए एल-1 केंद्र पर डिलिवरी की स्थिति ठीक नहीं रहने पर कार्रवाई करने को कहा. वहीं, बंधुगंज केंद्र में सर्जन प्रतिनियुक्त करने तथा सभी एल-1 केंद्रों का
केंद्रीकृत डाटावेश तैयार करने का निर्देश दिया. डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर एएनसी किट उपलब्ध कराने, स्वास्थ्य केंद्रों को उनके आसपास की आंगनबाड़ी से जोड़ कर आइयूसीडी सेवा दिलाने का निर्देश दिया. परिवार नियोजन पर जोर देते हुए डीएम ने स्टर्लाइजेशन, आइयूसीडी तथा एसएसवी में गुणात्मक सुधार लाने को कहा. इस परिप्रेक्ष्य में एमओआइसी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को लक्ष्य पूरा करने का निदेश मिला. इसका साप्ताहिक प्रगति प्रतिवेदन जिले को सौंपने का निर्देश दिया गया. आंगनबाड़ी केंद्र पर सामान की उपलब्धता पर
जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने बताया कि कई जगह किट का सामन गायब मिले. अक्तूबर तक राशि उपयोगिता जिले का औसतन 36 प्रतिशत रही. बजट के विरुद्ध मात्र 27 प्रतिशत खर्च हुआ है. डीएम ने इसे बढ़ाने का निर्देश दिया. जेइ, डेंगू, चिकनगुनिया के एटीआर नहीं आने का स्पष्टीकरण पूछा गया. एएनसी निबंधन सर्वे के विरुद्ध जिले में अब तक 52 प्रतिशत हुआ है. डीएम ने नाराजगी जताते हुए बताया कि एएनसी नहीं होने की स्थिति में कुपोषित एवं रोगग्रस्त बच्चों की डिलिवरी हो सकती है. गर्भवती को आइएफए टेबलेट तथा टीटी-एन के वितरण की स्थिति ठीक नहीं है. संस्थागत या अस्पतालों में डिलिवरी का प्रतिशत जहानाबाद एवं मखदुमपुर प्रखंड में क्रमश: 60 एवं 62 प्रतिशत है, जिसका मतलब है कि अभी तक डिलिवरी घरों में या निजी अस्पतालों में हो रही है, जो चिंताजनक है. सी सेक्शन की स्थिति भी जिला में खराब है. सदर अस्पताल को छोड़ सीजेरियन का काम नहीं हो रहा है, जो चिंताजनक है. इसे सुधारने का निर्देश डीएम ने दिया. उक्त बैठक में सहायक समाहर्ता घनश्याम मीणा, सिविल सर्जन विजय कुमार सहित प्रखंडों के एमओआइसी, स्वास्थ्य प्रबंधक तथा स्वास्थ्य पदाधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे.
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