सड़क निर्माण. हिचकोले खाते यात्रा करने को मजबूर हैं यात्री
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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अरवल-जहानाबाद पथ निर्माण कार्य धीमा एक जिले से दूसरे जिले जहानाबाद को जोड़ने वाला अरवल-जहानाबाद एनएच 110 की हालात रोड निर्माण के क्षेत्र में निखरते छाया चित्र पर धुंध के सामान है. जहानाबाद : सड़क व बड़े-बड़े पुलों का निर्माण कर राज्य सरकार द्वारा आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से सड़क निर्माण के क्षेत्र […]
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अरवल-जहानाबाद पथ निर्माण कार्य धीमा
एक जिले से दूसरे जिले जहानाबाद को जोड़ने वाला अरवल-जहानाबाद एनएच 110 की हालात रोड निर्माण के क्षेत्र में निखरते छाया चित्र पर धुंध के सामान है.
जहानाबाद : सड़क व बड़े-बड़े पुलों का निर्माण कर राज्य सरकार द्वारा आवागमन को सुगम बनाने के उद्देश्य से सड़क निर्माण के क्षेत्र में जिले से लेकर राज्य स्तर तक नित प्रति नये कृतिमान स्थापित किये जा रहे हैं. इसी कृतिमान की एक कड़ी है मगध से भोजपुर को सीधे तौर से जोड़ने वाला उमेराबाद के पास बना सोन नदी पर पुल ? एक जिला से दूसरे जिला जहानाबाद को जोड़ने वाला अरवल जहानाबाद एनएच 110 की हालात रोड निर्माण के क्षेत्र में निखरते छाया चित्र पर धूंध के सामान है.
पिछले वर्षों में सड़क निर्माण के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा जिले के कई सड़कों का निर्माण कराकर आम लोगों को सुखद अनुभूति का एहसास कराती रही है. अरवल के पास सोन नदी पर बना पुल मगध संस्कृति से भोजपुर को सीधे तौर पर जोड़ने वाला तार के सामान है. हाल के दिनों में पुल के निर्माण की वजह से सड़क की दूरी के साथ साथ रिश्तों में भी निकटता आयी है. लेकिन उक्त पथ दो दशकों से संवेदकों की उपेक्षा का दंश झेल रहा है. अरवल -जहानाबाद पथ की 35 किलोमीटर की दूरी यात्रा करने में दो घंटे से उपर समय लग जाता है.
रिश्तों के डोर के साथ-साथ कम दूरी में ज्यादा समय लगना भोजपुर-मगध के संबंधों में खटास पैदा कर रही है. अरवल- जहानाबाद पथ का मंद गति से चल रहे रोड निर्माण का कार्य लोगों के सुखद अनुभूति में बट्टा के समान है. उक्त पथ पर शहर से निकलने के साथ ही गाड़ियों का हिचकोला शुरू हो जाता है.
जिले के अन्य सड़कों पर सरपट भाग रही बड़े छोटे निजी वाहन का जैसे ही उक्त पथ पर प्रवेश होता है कि आपरूपी गाड़ी की गति धीमी पड़ जाती है. सड़क के हालत जर्जर रहने के कारण आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. अरवल -जहनाबाद को जोड़ने वाले सैकड़ों गांव के लोगों का मुख्य पथ रहने की वजह से आवागमन करना उनकी मजबूरी है.
शहर के बाजार समिति के समीप शुरू हुए दुर्दशा पर आम यात्री रोड की हालत पर जिम्मेवार पदाधिकारी को कोसना शुरू कर देते हैं. कई जगहों पर सड़क पर मुंह बाये विराजमान गढ्ढे यात्री वाहनों के लिए मुसिबत बने रहते है. जाहगीर पुर डायवर्सन हो या अन्य कई जगहों पर निर्माणाधीन पुल- पुलिया के समीप सामने से एक गाड़ी आ जाने के बाद दो पहिया वाहनों को भी साइड लेना मुश्किल हो जाता है. कई जगह ऐसे हैं
जहां चालक द्वारा थोड़ी सी भूल करने पर वाहन कब दुर्घटनाग्रस्त हो जाये यह कहना नामुमकिन है. किंजर से अतौलह के बीच निर्माणधीन सड़क एवं पुल-पुलिया खासकर अनजान चालकों के लिए परेशानी का सबब बना रहता है. सड़क पर बिखरे मिट्टी व बालू खासकर रात्रि के समय दो पहिया वाहनों के लिए मुसीबत बनी रहती है? सड़क का निर्माण कार्य के समय सीमा चुनावी वायदे के तरह लगातार बढ़ते जा रह है. कछूए की चाल से चल रहे रोड का निर्माण कार्य कब पूरा होगा यह लोगों की समझ से परे है.
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