जिले में 630 असलहों के लाइसेंस, तीन वर्ष में जारी हुए सिर्फ चार
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Dec 2017 1:00 AM
जहानाबाद : जान-माल की सुरक्षा को लेकर जरूरतमंद लोगों को हथियारों का लाइसेंस लेना टेढ़ी खीर है. जिले में राइफल, बंदूक या फिर रिवाल्वर का लाइसेंस देने की प्रक्रिया धीमी है. विगत तीन वर्षों में कई लोगों ने असलहा खरीदने के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन जिला प्रशासन ने उसकी अनुमति नहीं दी. उक्त अवधि […]
जहानाबाद : जान-माल की सुरक्षा को लेकर जरूरतमंद लोगों को हथियारों का लाइसेंस लेना टेढ़ी खीर है. जिले में राइफल, बंदूक या फिर रिवाल्वर का लाइसेंस देने की प्रक्रिया धीमी है. विगत तीन वर्षों में कई लोगों ने असलहा खरीदने के लिए आवेदन तो दिया, लेकिन जिला प्रशासन ने उसकी अनुमति नहीं दी. उक्त अवधि में तीन या चार वैसे लोगों को ही हथियार खरीदने का लाइसेंस निर्गत किया गया, जिन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.
उच्च न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन डीएम द्वारा उन्हें लाइसेंस निर्गत किया गया था. बताया जाता है कि आवेदकों के असलहा संबंधित आवेदनों की जांच में ही लंबा समय बीत जाता है. हर तरह से कागजातों की जांच पूरी होने पर जिला दंडाधिकारी उस पर अपना अंतिम विचार करते हैं. उनकी नजर में कमी पाये जाने पर डॉक्यूमेंट जांच की प्रक्रिया दोबारा करायी जाती है और इस तरह बीत जाता है लंबा समय. फिलहाल जहानाबाद जिले के 630 लोगों के पास हथियारों के लाइसेंस हैं जो तीन साल के पहले के वर्षों में दिये गये थे. वर्ष 2017 में अब तक लाइसेंस के लिए करीब 10 आवेदन दिये गये हैं जिसे जांच के लिए संबंधित थाने में भेजा गया है.
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