ePaper

ईवीएम व वीवीपीएटी की जांच प्रक्रिया शुरू

Updated at : 18 Jun 2025 9:00 PM (IST)
विज्ञापन
ईवीएम व वीवीपीएटी की जांच प्रक्रिया शुरू

भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में डीएम श्री नवीन ने आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में प्रयुक्त होने वाले ईवीएम व वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच बुधवार से शुरू की.

विज्ञापन

जमुई. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में डीएम श्री नवीन ने आगामी विधानसभा चुनाव 2025 में प्रयुक्त होने वाले ईवीएम व वीवीपीएटी की प्रथम स्तरीय जांच बुधवार से शुरू की. डीपीआरओ भानु प्रकाश ने बताया कि यह जांच प्रक्रिया 29 जून तक चलेगी. प्रथम स्तरीय जांच कार्ड के पर्यवेक्षक के लिए उपविकास आयुक्त सुभाषचंद्र मंडल की प्रतिनियुक्ति की गयी है, जबकि जिला पंचायती राज पदाधिकारी बीरेंद्र कुमार को नोडल पदाधिकारी का दायित्व सौंपा गया है. उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश के आलोक में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड ने पूर्व में 13 अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की गयी थी. बुधवार को अतिरिक्त आठ अभियंताओं की प्रतिनियुक्ति की गयी है, इस तरह कुल 18 अभियंता की टीम एफएलसी का कार्य कर रही है. यह कार्य अवकाश के दिनों में भी सुबह 9:00 बजे से संध्या 7:00 बजे तक किया जायेगा. जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री नवीन ने बताया कि जिले में ई सिल से निर्मित कुल बीयू 2690 कुल सीयू 2231 तथा वीवीपीएटी से 2310 का प्रथम स्तरीय जांच की जानी है. वीवीपेट व इवीएम का एफएलसी कार्यक्रम की सूचना सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष, सचिव के साथ-साथ राज्य स्तरीय अध्यक्ष व सचिव को दी गयी है. जिला स्तरीय अध्यक्ष, सचिव को जांच के दौरान उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है. विधानसभा निर्वाचन से पहले ईवीएम एवं वीवीपेट की टेस्टिंग संबंधित कंपनी के प्राधिकृत अभियंता करते हैं. प्रथम स्तरीय जांच के दौरान प्रत्येक बीयू के सभी 16 बटन पर 6-6 वोट कुल 96 वोट डाले जायेंगे. प्रथम स्तरीय जांच के पूर्ण होने के बाद राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में चिन्हित एफएलसी ओके कंट्रोल यूनिट की संख्या के आधार पर एक प्रतिशत ईवीएम में 1200 वोट, दो प्रतिशत इवीएम में 1000 वोट पुन: दो प्रतिशत इवीएम में 500 वोट को मिलाकर कुल पांच प्रतिशत इवीएम में मॉक पोल के दौरान वोट डाले जायेंगे. एफएलसी ओके मशीनों की सूची राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष, सचिव को उपलब्ध कराया जाता है. निर्वाचन के दौरान एफएलसी ओके मशीनों का प्रयोग किया जाता है. एफएलसी के दौरान खराब पाये जाने वाले एफएलसी नॉट ओके ईवीएम व वीवीपेट जांच में रिजेक्ट को निर्माता कंपनी इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन आफ इंडिया लिमिटेड को एफएलसी कार्य समाप्त होने के सात दिनों के अंदर वापस भेजा जाता है. जांच स्थल पर अग्निशमन वाहन की व्यवस्था एवं फायर अलार्म लगाया गया है. कार्य स्थल पर एंबुलेंस सहित मेडिकल टीम का गठन कर सुरक्षा एवं चिकित्सा से संबंधित व्यवस्था की गयी है. एफएलसी कार्य में प्रतिनियुक्ति पदाधिकारी एवं कर्मियों को मैन्युअल इन इवीएम 2023 के चैप्टर 2 में अंकित निर्देश के आलोक में कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
PANKAJ KUMAR SINGH

लेखक के बारे में

By PANKAJ KUMAR SINGH

PANKAJ KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन