हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस में बिगड़ी महिला की हालत, झाझा स्टेशन पर RPF-GRP ने उतारकर अस्पताल पहुंचाया, सुरक्षित हुआ प्रसव
अस्पताल में जच्चा-बच्चा | Prabhat Khabar Network
हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस में यात्रा कर रही महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हो गई. झाझा स्टेशन पर रेल पुलिस और स्टेशन कर्मियों की तत्परता से उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया. समय पर मिली मदद से मां और नवजात शिशु दोनों सुरक्षित हैं.
Jhajha Railway Station: चलती ट्रेन में अचानक प्रसव पीड़ा से कराह रही एक महिला के लिए सोमवार को झाझा स्टेशन मदद की उम्मीद बन गया. हैदराबाद-दरभंगा एक्सप्रेस से अपने पति के साथ यात्रा कर रही महिला की स्टेशन पहुंचते-पहुंचते हालत बिगड़ गई. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तत्काल ट्रेन से उतारा गया और रेल पुलिस व स्टेशन कर्मियों ने बिना समय गंवाए अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की.
समय पर मिली मदद की वजह से महिला को इलाज मिल सका और उसकी सुरक्षित डिलीवरी हुई. अस्पताल में फिलहाल जच्चा और नवजात दोनों सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
जनरल कोच में अचानक बढ़ गई प्रसव पीड़ा
महिला की पहचान मुजफ्फरपुर जिला अंतर्गत सस्ता थाना क्षेत्र के रेपुरा गांव निवासी मुकेश मांझी की पत्नी संगीता देवी के रूप में हुई है. वह अपने पति मुकेश मांझी के साथ हैदराबाद से समस्तीपुर जा रही थीं.
यात्रा के दौरान झाझा स्टेशन पहुंचने पर संगीता देवी की प्रसव पीड़ा काफी बढ़ गई. उनकी स्थिति देखकर उन्हें तत्काल ट्रेन से उतारने का निर्णय लिया गया. इसके बाद स्टेशन पर मौजूद रेलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने महिला को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम शुरू किया.
महिला कांस्टेबल एकता ने संभाली जिम्मेदारी
पोस्ट कमांडर आरआर सहाय के अनुसार, ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल एकता कुमारी ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए बिना किसी विलंब के महिला यात्री को आवश्यक सहायता उपलब्ध करायी.
महिला को स्टेशन से अस्पताल तक सुरक्षित पहुंचाना उस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता थी. स्टेशन मास्टर के सहयोग से स्ट्रेचर की व्यवस्था की गई. इसके बाद एंबुलेंस उपलब्ध कराकर महिला को रेफरल अस्पताल भेजने की व्यवस्था की गयी.
स्टेशन प्रबंधक रविकांत माथुरी, यातायात निरीक्षक रवि गुप्ता, आरपीएफ पोस्ट कमांडर आरआर सहाय और जीआरपी थानाध्यक्ष मधुसूदन के नेतृत्व में महिला पुलिस अधिकारियों की देखरेख में पूरी कार्रवाई की गई.
एंबुलेंस से पहुंचाया गया अस्पताल
रेल पुलिस और स्टेशन कर्मियों के समन्वय से संगीता देवी को एंबुलेंस के जरिए तत्काल रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया. अस्पताल में उनकी सुरक्षित डिलीवरी करायी गयी.
प्रसव के बाद महिला और नवजात शिशु की आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की गयी. फिलहाल दोनों सुरक्षित हैं. परिवार के लिए यह राहत की बड़ी खबर रही कि समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण मां और बच्चे को जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सकी.
समन्वय से टला बड़ा संकट
रेलवे स्टेशन पर ऐसी स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी परेशानी बढ़ा सकती है. इस मामले में महिला की हालत बिगड़ने के बाद रेल पुलिस, जीआरपी और स्टेशन कर्मियों ने आपसी समन्वय से तत्काल कदम उठाया.
आरपीएफ पोस्ट कमांडर आरआर सहाय ने बताया कि पूरी कार्रवाई के दौरान आरपीएफ और जीआरपी के कर्मचारियों ने मानवीय संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय दिया. महिला यात्री और उनके परिजनों को हरसंभव सहयोग दिया गया.
समय पर स्टेशन से अस्पताल तक पहुंचाने की व्यवस्था होने के कारण महिला को प्रसव संबंधी जरूरी चिकित्सा सुविधा मिल सकी.
Jhajha Railway Station: 'मातृत्व शक्ति' के तहत महिला कांस्टेबल का सराहनीय काम
इस पूरे घटनाक्रम में ड्यूटी पर तैनात महिला कांस्टेबल एकता कुमारी की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही. उन्होंने तत्परता, संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण के साथ महिला यात्री की मदद की.
रेल पुलिस के अनुसार, उनके इस कार्य को ऑपरेशन "मातृत्व शक्ति" के उद्देश्य के अनुरूप सराहनीय माना गया है.
एक तरफ ट्रेन में सफर कर रही महिला अचानक प्रसव पीड़ा से जूझ रही थी, दूसरी तरफ झाझा स्टेशन पर मौजूद रेलकर्मियों और पुलिसकर्मियों ने समय रहते स्थिति को संभाल लिया. इस त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि संगीता देवी और उनका नवजात बच्चा सुरक्षित हैं.
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