झाझा स्टेशन पर अचानक जुट गयी भीड़, रेल थाना में पुलिसकर्मी और महिला होमगार्ड के बीच मारपीट
इलाज कराती महिला सिपाही व इलाजरत पुरूष सिपाही | Prabhat Khabar Network
झाझा रेल थाने में ड्यूटी को लेकर पुलिसकर्मियों और महिला होमगार्ड के बीच हिंसक विवाद हो गया, जिसमें दोनों पक्षों के कई लोग घायल हो गए. यह घटना रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के बीच भी चर्चा का विषय बनी.
Jhajha GRP News झाझा राजकीय रेल थाना, झाझा में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गयी, जब ड्यूटी बांटने को लेकर पुलिसकर्मियों और महिला होमगार्ड के बीच विवाद हो गया. पहले ड्यूटी की प्रकृति को लेकर कहासुनी हुई और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया. दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट में थाना के तीन कर्मी और चार महिला होमगार्ड घायल हो गयीं.
घटना के बाद सभी घायलों को इलाज के लिए रेफरल अस्पताल ले जाया गया. बताया गया कि अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आयी हैं. घटना की जानकारी मिलने के बाद जीआरपी थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार भी अस्पताल पहुंचे और घायलों से पूरे मामले की जानकारी ली.
ड्यूटी बांटी जा रही थी, इसी बीच शुरू हुआ विवाद
मंगलवार को राजकीय रेल थाना में कर्मियों की ड्यूटी निर्धारित की जा रही थी. इसी दौरान कुछ महिला होमगार्ड ने ड्यूटी की प्रकृति को लेकर आपत्ति जतायी. उनका कहना था कि उन्हें उनकी सुविधा और क्षमता के अनुरूप ड्यूटी दी जानी चाहिए.
वहीं थाना के मुंशी की ओर से कहा गया कि पुरुष और महिला कर्मियों को मिलाकर ड्यूटी निर्धारित की जा रही है. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गयी.
शुरुआत में मामला केवल कहासुनी तक सीमित था, लेकिन कुछ ही देर में माहौल बिगड़ गया. आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गयी.
तीन पुलिसकर्मी और चार महिला होमगार्ड घायल
मारपीट में राजकीय रेल थाना के मुंशी अभिषेक कुमार, राहुल कुमार और प्रेम सागर तिवारी घायल हुए हैं. दूसरी ओर महिला होमगार्ड शिवानी कुमारी, रानी कुमारी, पूजा कुमारी और मुस्कान कुमारी को भी चोटें आयीं.
घायलों में प्रेम सागर तिवारी को छोड़कर अन्य सभी रेफरल अस्पताल पहुंचे और इलाज कराया. जानकारी के अनुसार सभी को मामूली चोटें आयी हैं.
घटना ने कुछ समय के लिए रेल थाना परिसर का माहौल भी गरमा दिया. चूंकि थाना रेलवे स्टेशन परिसर में स्थित है, इसलिए विवाद की जानकारी मिलने के बाद यात्रियों की नजर भी घटनाक्रम पर गयी.
हथियार लेकर ड्यूटी करने पर महिला होमगार्ड ने जतायी आपत्ति
विवाद की एक प्रमुख वजह हथियार लेकर ड्यूटी करने को लेकर बतायी जा रही है. महिला होमगार्ड शिवानी कुमारी ने आरोप लगाया कि होमगार्ड जवानों को हथियार लेकर ड्यूटी करने के लिए कहा जाता है.
शिवानी के अनुसार महिला होमगार्ड सामान्य तौर पर प्लेटफॉर्म या कार्यालय में ड्यूटी करती हैं. उन्होंने हथियार लेकर ड्यूटी करने में असमर्थता जतायी थी. आरोप है कि इसी मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ा.
शिवानी ने अभिषेक कुमार पर गाली-गलौज करने का भी आरोप लगाया है. उनका आरोप है कि इसी दौरान प्रेम सागर तिवारी ने रानी कुमारी के साथ मारपीट की. इसके बाद दोनों पक्षों के बीच हाथापाई शुरू हो गयी.
हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है. पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि विवाद की शुरुआत किस बात से हुई और मारपीट में किसकी क्या भूमिका रही.
प्लेटफॉर्म नंबर दो पर जुट गयी यात्रियों की भीड़
थाना परिसर में मारपीट की जानकारी फैलते ही स्टेशन पर मौजूद यात्रियों में भी हलचल मच गयी. प्लेटफॉर्म संख्या दो पर जीआरपी थाना के समीप काफी संख्या में यात्री जुट गये.
रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थान पर पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के बीच विवाद होने से वहां कुछ समय के लिए असहज स्थिति बनी रही. यात्रियों की भीड़ के बीच हुई इस घटना ने रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किये.
हालांकि घटना के कारण रेल परिचालन प्रभावित होने की कोई जानकारी सामने नहीं आयी है.
थानाध्यक्ष बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलने पर जीआरपी थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार रेफरल अस्पताल पहुंचे. उन्होंने घायलों से घटना के संबंध में जानकारी ली.
थानाध्यक्ष मधुसूदन कुमार ने बताया कि जीआरपी थाने में विवाद और मारपीट की सूचना मिली है. मामले की तहकीकात की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी.
उन्होंने कहा कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
Jhajha GRP News: जांच से स्पष्ट होगा विवाद का असली कारण
फिलहाल इस घटना में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप सामने आये हैं. एक तरफ ड्यूटी की प्रकृति और हथियार लेकर ड्यूटी करने को लेकर आपत्ति की बात सामने आयी है, तो दूसरी ओर पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी है.
अब पुलिस की जांच में यह महत्वपूर्ण होगा कि ड्यूटी निर्धारण के दौरान वास्तव में क्या हुआ, विवाद किस बात पर शुरू हुआ और मारपीट की स्थिति कैसे बनी. इसके साथ ही थाना परिसर में मौजूद अन्य कर्मियों और प्रत्यक्षदर्शियों से मिली जानकारी भी मामले की तस्वीर साफ करने में अहम हो सकती है.
जीआरपी ने फिलहाल मामले की जांच शुरू कर दी है. जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना के लिए कौन जिम्मेदार है और आगे किस स्तर पर कार्रवाई की जाती है.
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