3300 से 10 हजार मानदेय की मांग, जमुई में विद्यालय रसोइयों का आंदोलन शुरू, 6 अक्टूबर को पटना में महाप्रदर्शन

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प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी यानि बीआरसी कार्यालय के समक्ष धरना प्रदर्शन करती विद्यालय के रसोइया | Prabhat Khabar Network

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जमुई जिले में विद्यालय रसोइयों ने मानदेय बढ़ाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन शुरू कर दिया है. उनकी मुख्य मांग 3300 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये मानदेय और 12 महीने का भुगतान है. इसके अलावा, वे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का दर्जा और सामाजिक सुरक्षा लाभ की मांग कर रहे हैं.

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Jamui School Cooks Protest: लक्ष्मीपुर. मानदेय बढ़ाने समेत नौ सूत्रीय मांगों को लेकर बिहार राज्य विद्या3300 से 10 हजार मानदेय की मांग, जमुई में रसोइयों का आंदोलन शुरूलय रसोइया संघ (ऐक्टू) ने जमुई जिले में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने का ऐलान किया है. आंदोलन की शुरुआत 11 सितंबर से लक्ष्मीपुर प्रखंड से हो गयी है. संघ के अनुसार सितंबर महीने में जिले के सभी प्रखंडों में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष दो घंटे का धरना-प्रदर्शन किया जायेगा. इसके बाद 6 अक्टूबर को पटना के गर्दनीबाग स्थित गेट पब्लिक लाइब्रेरी के पास मुख्यमंत्री के समक्ष राज्यस्तरीय महाप्रदर्शन की तैयारी है.

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जिला सचिव मो. हैदर के अनुसार, रसोइया स्कूलों में बच्चों को मध्याह्न भोजन कराने के बाद दोपहर दो बजे से संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के सामने धरना देंगी. संघ का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं और सरकार से कई स्तरों पर मांगों को रखने के बावजूद अब तक अपेक्षित निर्णय नहीं लिया गया है.

इन तारीखों पर प्रखंड स्तर पर होगा प्रदर्शन

जमुई जिले में आंदोलन का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से तय किया गया है. 11 सितंबर को लक्ष्मीपुर, 12 सितंबर को बरहट, 15 सितंबर को जमुई, 18 सितंबर को खैरा, 19 सितंबर को सिकंदरा, 21 सितंबर को गिद्धौर, 23 सितंबर को झाझा, 25 सितंबर को सोनो, 28 सितंबर को अलीगंज और 30 सितंबर को चकाई के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया जायेगा.

प्रदर्शन के बाद रसोइयों की ओर से नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को सौंपा जायेगा.

3300 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार मानदेय की मांग

संघ की प्रदेश महासचिव सरोज चौबे के नेतृत्व में उठायी जा रही प्रमुख मांगों में विद्यालय रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी शामिल है. संघ वर्तमान में मिल रहे 3300 रुपये के मानदेय को बढ़ाकर तत्काल 10 हजार रुपये प्रति माह करने और हर साल महंगाई भत्ता जोड़ने की मांग कर रहा है. इसके अलावा 10 महीने की जगह पूरे 12 महीने का मानदेय देने की मांग भी है.

रसोइयों को शिक्षा विभाग में चतुर्थ वर्ग के कर्मचारी का दर्जा देने की मांग की जा रही है. संघ ने मध्याह्न भोजन योजना से एनजीओ और केंद्रीकृत रसोई व्यवस्था को बाहर करने तथा रसोइयों के हितों से जुड़े श्रम कानूनों की सुरक्षा की भी मांग उठायी है.

Jamui School Cooks Protest: पेंशन, बीमा और अतिरिक्त काम पर रोक की मांग

रसोइया संघ सामाजिक सुरक्षा के तहत 3000 रुपये मासिक पेंशन, दुर्घटना और स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व अवकाश तथा साल में दो जोड़ी सूती साड़ी, ब्लाउज और पेटीकोट देने की मांग कर रहा है. पहचान पत्र उपलब्ध कराने की मांग भी इसमें शामिल है.

संघ का कहना है कि रसोइयों से मध्याह्न भोजन तैयार कराने के अलावा स्कूलों में झाड़ू लगाने और शौचालय साफ कराने जैसे अतिरिक्त काम नहीं लिये जाने चाहिए. इसके अलावा रसोइयों की छंटनी रोकने और समय पर मानदेय भुगतान सुनिश्चित करने की मांग भी उठायी गयी है.

संघ नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समय रहते मांगों पर निर्णय नहीं लिया, तो 6 अक्टूबर को पटना में राज्यव्यापी आंदोलन को तेज किया जायेगा. लक्ष्मीपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जिला संयोजक किरण गुप्ता समेत सुनीता देवी, इंदू देवी, सुमित्रा देवी, मालती देवी, गीता देवी, प्रेमा देवी, प्रमिला देवी, विश्नी देवी, पिंकी देवी, शोभा देवी, तन्नू देवी, मूर्ति देवी, चंपा देवी, मीला देवी, झुमरी देवी, तालो देवी, संगीता देवी और पानो देवी सहित कई रसोइया मौजूद थीं.

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