गिद्धौर में शुरू हुई धान रोपनी, अच्छी बारिश से खेतों में लौटी रौनक, किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद

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फोटो कैप्शन: हल-बैल से अपने खेतों की परंपरागत तरीके से जुताई-बुआई करते रतनपुर पंचायत के भौरा टांड़ के किसान | Prabhat Khabar Network

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Jamui News: गिद्धौर प्रखंड में अच्छी बारिश के बाद किसानों के चेहरे पर खुशी लौट आई है. भौरा टांड़ में रोपा-डोबा का काम शुरू हो गया है, जिससे खेतों में नमी लौटी है और बेहतर फसल की उम्मीद जगी है. किसान पारंपरिक और आधुनिक तरीकों से जुताई कर रहे हैं.

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Jamui News: कई दिनों तक बारिश का इंतजार करने के बाद अब गिद्धौर प्रखंड के किसानों के चेहरे खिल उठे हैं. लगातार हो रही बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी लौट आई है और इसके साथ ही धान रोपनी का काम भी तेज हो गया है. गिद्धौर के भौराटांड़ गांव में इन दिनों खेतों में हल-बैल और ट्रैक्टर दोनों की आवाज सुनाई दे रही है. कहीं किसान पारंपरिक तरीके से खेत जोत रहे हैं तो कहीं आधुनिक मशीनों की मदद से खेती की तैयारी चल रही है. अच्छी बारिश ने इस बार खरीफ सीजन को नई उम्मीद दी है और किसान बेहतर उत्पादन की आस लगाए हुए हैं.

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Jamui News: बारिश से खेत हुए तैयार, रोपनी ने पकड़ी रफ्तार

गिद्धौर प्रखंड में लगातार हुई बारिश के बाद खेतों में धान की रोपाई के लिए अनुकूल माहौल बन गया है. खेतों में पर्याप्त नमी होने से किसानों ने जुताई, पलेवा और रोपनी का काम शुरू कर दिया है.

भौराटांड़ गांव में सोमवार को सुबह से ही किसान खेतों में जुटे नजर आए. कई किसान बैलों की जोड़ी के साथ पारंपरिक तरीके से खेत तैयार कर रहे थे, जबकि कुछ किसान ट्रैक्टर से जुताई कर खेती को गति दे रहे थे. गांव के खेतों में खेती की यह रौनक ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई उम्मीद लेकर आई है.

परंपरा और आधुनिक तकनीक का दिखा संगम

गिद्धौर के ग्रामीण इलाकों में आज भी कई किसान हल-बैल से खेती करना पसंद करते हैं. वहीं समय और श्रम बचाने के लिए बड़ी संख्या में किसान ट्रैक्टर का भी इस्तेमाल कर रहे हैं.

खेती के इन दोनों तरीकों का संगम यह दिखाता है कि किसान परंपरा को बनाए रखते हुए आधुनिक संसाधनों को भी अपना रहे हैं. इससे खेती का काम तेजी से पूरा हो रहा है.

कृषि विभाग ने दी उन्नत बीज अपनाने की सलाह

कृषि विभाग का कहना है कि इस बार मानसून समय पर सक्रिय हुआ है और लगातार बारिश के कारण निचले एवं मध्यम भूमि वाले खेतों में पर्याप्त नमी बनी हुई है. यह धान रोपनी के लिए सबसे अनुकूल समय है.

विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे उन्नत किस्म के बीजों का उपयोग करें, समय पर बिचड़ा तैयार करें और वैज्ञानिक तरीके से रोपनी करें, ताकि खरीफ सीजन में अधिक उत्पादन और बेहतर आय प्राप्त हो सके.

किसानों में दिखा उत्साह

स्थानीय किसान बेनी यादव, शैलेंद्र यादव, दरोगी पासवान, बासुकी मंडल, प्रमोद पासवान, रंजीत यादव, दिनेश यादव, मदन तांती, पवन मंडल, मनोज मंडल, संजय ठाकुर और नरेश ठाकुर ने बताया कि अच्छी बारिश से खेती का काम काफी आसान हो गया है.

किसानों का कहना है कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो समय पर रोपनी पूरी हो जाएगी और इस वर्ष धान की अच्छी पैदावार मिलने की उम्मीद है. इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी.

अच्छी फसल से बढ़ी समृद्धि की उम्मीद

गिद्धौर प्रखंड में मानसून की सक्रियता ने किसानों में नया उत्साह भर दिया है. खेतों में तेजी से चल रही रोपनी यह संकेत दे रही है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम साथ देता रहा तो इस वर्ष क्षेत्र में धान का उत्पादन बेहतर हो सकता है. इससे न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

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