चंद्रमंडी में अपराध-भू-माफिया के खिलाफ माले का बड़ा फैसला, 14 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना
बैठक करते भाकपा माले कार्यकर्ता | Prabhat Khabar Network
भाकपा माले ने चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में बढ़ते अपराध और भू-माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोलने का फैसला किया है. 14 सितंबर से जिला मुख्यालय पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू होगा, जिसमें थानाध्यक्ष पर कार्रवाई की भी मांग उठाई जाएगी. बैठक में आदिवासी मजदूरों से जुड़े मुद्दे भी उठाए गए.
Chandramandi Police Station Protest: चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में अपराध और भू-माफिया के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर भाकपा माले ने आंदोलन का फैसला लिया है. बुधवार को कियाजोरी पंचायत के भलसुम्भा स्थित लोकल कमेटी कार्यालय में हुई प्रखंड कमेटी की बैठक में तय किया गया कि 14 सितंबर से जिला मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जायेगा. पार्टी ने चंद्रमंडी थानाध्यक्ष पर भी कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग उठायी है.
बैठक की अध्यक्षता भाकपा माले के प्रखंड सचिव मनोज कुमार पांडेय ने की. बैठक में जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गयी और आगे के आंदोलन की रणनीति तैयार की गयी.
अपराध और भू-माफिया के खिलाफ आंदोलन का फैसला
भाकपा माले नेताओं ने बैठक में चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में अपराध और जमीन से जुड़े मामलों को प्रमुख मुद्दा बनाया. पार्टी नेताओं का कहना है कि क्षेत्र में लगातार आपराधिक घटनाओं और जमीन से जुड़े विवादों को लेकर लोगों में असुरक्षा की भावना है.
प्रखंड सचिव मनोज कुमार पांडेय ने आरोप लगाया कि चंद्रमंडी थानाध्यक्ष गजेंद्र कुमार के पदस्थापन के बाद से थाना क्षेत्र में अपराधियों और भू-माफियाओं का मनोबल बढ़ा है. उन्होंने थाना स्तर पर कार्रवाई की स्थिति पर सवाल उठाते हुए थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई और बर्खास्तगी की मांग की.
माले का कहना है कि इन मुद्दों को लेकर अब आंदोलन को तेज किया जायेगा. इसी क्रम में 14 सितंबर से जिला मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने का निर्णय लिया गया है.
दो सितंबर की घटना का भी उठाया मुद्दा
बैठक में आदिवासी मजदूरों से जुड़ी दो सितंबर की घटना का भी मुद्दा उठाया गया. आदिवासी संघर्ष मोर्चा के जिला सचिव कालू मरांडी ने आरोप लगाया कि दो सितंबर की रात करीब 50 से 60 लोग पहुंचे थे. उन्होंने आदिवासी मजदूरों के साथ मारपीट करने और उन्हें बंधक बनाने का आरोप लगाया.
कालू मरांडी के अनुसार, इस दौरान जेसीबी से हजारों फीट दीवार तोड़े जाने का भी आरोप है. उन्होंने घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाया और मामले में कार्रवाई की मांग की.
माले नेताओं ने कहा कि आदिवासी मजदूरों से जुड़े इस मामले को भी आंदोलन के दौरान प्रमुखता से उठाया जायेगा. पार्टी का कहना है कि जनहित के मामलों में पुलिस और प्रशासन की जवाबदेही तय होनी चाहिए.
श्रद्धांजलि के बाद शुरू हुई बैठक की कार्यवाही
बैठक में पर्यवेक्षक के रूप में भाकपा माले के जिला सचिव शंभूशरण सिंह और राज्य कमेटी सदस्य बाबू साहब मौजूद थे. बैठक की कार्यवाही दिवंगत साथियों को श्रद्धांजलि देने के बाद शुरू हुई.
इसके बाद क्षेत्र में जनता से जुड़े मुद्दों, अपराध, जमीन विवाद और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर चर्चा हुई. नेताओं और कार्यकर्ताओं ने स्थानीय समस्याओं को लेकर आगे की रणनीति पर विचार किया.
Chandramandi Police Station Protest: 14 सितंबर से जिला मुख्यालय पर धरना
बैठक में लिए गये निर्णय के अनुसार 14 सितंबर से जिला मुख्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया जायेगा. माले ने स्पष्ट किया है कि उसका मुख्य उद्देश्य चंद्रमंडी थाना क्षेत्र में अपराध और भू-माफिया के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कराने के साथ थानाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग को उठाना है.
ग्रामीण इलाके में जमीन से जुड़े विवाद और आपराधिक घटनाएं सीधे आम लोगों की सुरक्षा और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी होती हैं. ऐसे में माले के आंदोलन के फैसले से आने वाले दिनों में यह मुद्दा जिला स्तर पर और जोर पकड़ सकता है. अब निगाहें प्रशासन की प्रतिक्रिया और 14 सितंबर से प्रस्तावित धरने पर टिकी हैं.
बैठक में मोहम्मद सलीम, अजीम अंसारी, बासुदेव हांसदा, राजकिशोर किस्कू, खुबलाल राणा, राहुल कुमार यादव, भैरो सिंह, सीताराम यादव, फुचन टूडू और मतला मरांडी समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद थे.
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