79 साल की आजादी, पर जमुई के 5 गांवों में एक भी सरकारी स्कूल नहीं, दूर स्कूल जाने से कतराते हैं बच्चे

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गांव की नेमप्लेट व राजद नेता नकुल यादव | Prabhat Khabar Network

नैयाडीह गांव की तस्वीर. | Prabhat Khabar Network

Jamui Education News : जमुई जिले के पांच गांव आज भी सरकारी स्कूल की सुविधा से कोसों दूर हैं. आजादी के 79 साल बाद भी इन गांवों में एक भी स्कूल नहीं खुल सका है, जिससे हजारों बच्चे शिक्षा से वंचित हैं. बरसात में बच्चों को स्कूल जाना दूभर हो जाता है.

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Jamui Education News : जमुई जिले के चकाई प्रखंड की कियाजोरी पंचायत के पांच गांव आज भी सरकारी विद्यालय की सुविधा से वंचित हैं. आजादी के 79 वर्ष बाद भी यहां एक भी सरकारी स्कूल नहीं खुल सका है. इससे हजारों बच्चों को पढ़ाई के लिए दूसरे पंचायत के विद्यालयों पर निर्भर रहना पड़ रहा है. बरसात के मौसम में आवागमन बाधित होने से उनकी शिक्षा सबसे अधिक प्रभावित होती है.

पांच गांवों के बच्चों को नहीं मिला अपना स्कूल

कियाजोरी पंचायत के सूरजोंडीह, दलोनोडीह, रमशाडीह, तुर्काडीह और नैयाडीह गांवों की कुल आबादी करीब दो से तीन हजार है. इसके बावजूद इन गांवों में आज तक एक भी सरकारी विद्यालय की स्थापना नहीं हो सकी है. मजबूरी में बच्चों को पड़ोसी माधोपुर पंचायत के विद्यालयों में पढ़ने जाना पड़ता है.

बरसात में पढ़ाई पर पड़ता है सबसे ज्यादा असर

ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में रास्ते खराब हो जाने और आवागमन बाधित होने से छोटे बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल हो जाता है. कई बच्चे नियमित रूप से विद्यालय नहीं पहुंच पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है.

विद्यालय खोलने की उठी मांग

राजद नेता नकुल यादव ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक बच्चे का मौलिक अधिकार है, लेकिन इन गांवों के बच्चे आज भी बुनियादी शैक्षणिक सुविधा से वंचित हैं. उन्होंने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग से कियाजोरी पंचायत के इन गांवों में शीघ्र सरकारी विद्यालय की स्थापना कराने की मांग की. उनका कहना है कि गांव में स्कूल खुलने से हजारों बच्चों को घर के पास गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सकेगी.

ग्रामीणों ने आंदोलन की दी चेतावनी

ग्रामीणों ने बताया कि वर्षों से सरकारी विद्यालय खोलने की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. उनका कहना है कि यदि जल्द विद्यालय की स्थापना नहीं की गई तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे.

इस मौके पर राजेंद्र यादव, उमेश यादव, तारणी पुजहर, मेघु पुजहर, शंकर ठाकुर, भीथल कोल, बच्चू यादव, महेश्वर यादव, विजय यादव, राम यादव, अर्जुन यादव, प्रमोद यादव, फाल्गुनी यादव, टिंकू यादव, अमीन यादव, कांग्रेस यादव, महेंद्र यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भी गांव में सरकारी विद्यालय खोलने की मांग का समर्थन किया.

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श्याम सिंह तोमर

लेखक के बारे में

By श्याम सिंह तोमर

श्याम सिंह तोमर प्रिंट माध्यम में 15 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. सरौन (जमुई) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक गतिविधि, खेल, इतिहास और राजनीतिक गतिविधियों की खबरों में रुचि रखते हैं.

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