बरहट के देवाचक महादलित टोला में 'नल-जल योजना' पस्त, लाखों खर्च के बाद भी 2 साल से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग

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फोटो 1.  शुद्ध पेयजल के अभाव में जर्जर और दूषित कुएं से पानी भरने को मजबूर महादलित टोला की महिलाएं  फोटो 2.  स्टैंड पोस्ट पर पानी की जगह लटका डस्टबिन.   फोटो 3. जमीन पर पड़ा नल-जल योजना का पानी टैंक, वर्षों से बंद पड़ी जलापूर्ति व्यवस्था की कहानी बयां करता दृश्य | Prabhat Khabar Network

जमीन पर पड़ा नल-जल योजना का पानी टैंक

जमुई जिले की 'हर घर नल का जल' योजना के बड़े दावे खोखले साबित हो रहे हैं. देवाचक महादलित टोला में लाखों रुपये खर्च के बावजूद दो वर्षों से पीने के पानी की एक बूंद भी ग्रामीणों तक नहीं पहुंची है. दूषित पानी से डायरिया फैलने और मौत होने जैसी त्रासदियों के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है.

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सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल' योजना के दावों की पोल खोलती एक तस्वीर जमुई जिले के बरहट प्रखंड स्थित बरियारपुर पंचायत के देवाचक महादलित टोला से सामने आई है. सरकारी कागजों में भले ही योजना पूरी तरह चालू दिखाई दे रही हो, लेकिन धरातल पर सच्चाई यह है कि पिछले दो वर्षों से ग्रामीणों के घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंची है. लाखों रुपये खर्च कर बोरिंग, पाइपलाइन, फिल्टर रूम, स्टैंड पोस्ट और मोटर लगाए गए, लेकिन पूरा ढांचा सिर्फ शो-पीस बनकर रह गया है.

वार्ड 1 और 2 के हजारों लोग झेल रहे पानी का संकट

इस बदहाली का खामियाजा देवाचक महादलित टोला के वार्ड संख्या 1 और 2 के हजारों ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है. गर्मी हो या बरसात, महादलित व गरीब परिवारों की महिलाएं आज भी दूषित कुएं या दूर-दराज के टोलों से सिर पर पानी ढोने को मजबूर हैं. जिन घरों में निजी चापाकल नहीं हैं, उनके सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है.

मौत के बाद भी नहीं जागा प्रशासनिक अमला

गांव के निवासी कांग्रेस यादव, मोती मांझी और दिवाकर कुमार ने बताया कि वर्ष 2023 में दूषित पानी पीने के कारण पूरे गांव में डायरिया फैल गया था. उस समय दो दर्जन से अधिक लोग बीमार पड़े थे और एक महिला की मौत भी हो गई थी.

तत्कालीन समय में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पहुंचकर इलाज तो किया, लेकिन जिस जहरीले व दूषित पानी के कारण यह हादसा हुआ, उसकी व्यवस्था आज तक नहीं बदली गई. ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी दूसरी बड़ी त्रासदी का इंतजार कर रहा है?

टूटी टंकी, जर्जर स्टैंड पोस्ट और गंदगी से भरा कुआं

स्थानीय महिलाओं—नलिया देवी, मंजू देवी, साबित देवी और जयमंती देवी ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि शुद्ध पेयजल अब उनके लिए महज एक सपना बनकर रह गया है:

  • क्षतिग्रस्त ढांचा: नल-जल योजना की टंकी टूट चुकी है और जगह-जगह स्टैंड पोस्ट उखड़कर गिर चुके हैं.
  • खराब चापाकल: गांव के दोनों सरकारी चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं.
  • बीमारी का डर: जिस कुएं से मजबूरन पानी भरा जा रहा है, उसके चारों ओर कीचड़ और गंदगी का अंबार है. बरसात का गंदा पानी सीधे कुएं में गिर रहा है, जिससे महामारी फैलने का खतरा लगातार मंडरा रहा है.

जनप्रतिनिधि बेबस, बीडीओ ने दिया जांच का आश्वासन

  • मुखिया सरस्वती देवी: बरियारपुर पंचायत की मुखिया ने बताया कि प्रखंड स्तरीय अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से कई बार स्थिति से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई. सरकार के दावों के विपरीत देवाचक टोला के लोग आज भी पानी के लिए तरस रहे हैं.
  • बीडीओ अनिल मिस्त्री: मामले पर संज्ञान लेते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अनिल मिस्त्री ने कहा कि पीएचईडी (PHED) के कनीय अभियंता (JE) को पत्र भेजकर मामले की तत्काल जांच कराई जाएगी. इसके साथ ही वरीय अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराकर जल्द से जल्द पेयजल आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया जाएगा.


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पंकज कुमार सिंह

लेखक के बारे में

By पंकज कुमार सिंह

पंकज कुमार सिंह प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत वर्ष 2005 में की. अभी प्रभात खबर के जमुई कार्यालय में कार्यरत हैं. सामाजिक सरोकार, अपराध, शिक्षा, राजनीतिक खबरों में रुचि रखते हैं.

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