देवत्व के निकटतम है स्वच्छता : प्रो शम्शी

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स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता व स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम आयोजित

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झाझा. स्वच्छ रहने से न सिर्फ बीमारियों से बचा जा सकता है, बल्कि इससे समाज का तेजी से विकास भी होता है. इसलिए स्वच्छता देवत्व के निकटतम है. उक्त बातें डीएसएम कॉलेज के प्राचार्य प्रो अजफर शम्शी ने सोमवार को राष्ट्रीय सेवा योजना कार्यक्रम के तहत स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता व स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम में उपस्थित छात्र-छात्राओं व अन्य लोगों को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि पूरे भारत में स्वच्छता ही सेवा अभियान 17 सितंबर से आगामी 2 अक्तूबर तक चलना है. इसी के कार्यक्रम के तहत कॉलेज में एक परिचर्चा का आयोजन किया गया है. उन्होंने बताया कि स्वच्छ रहने से न सिर्फ कई तरह का लाभ होता है, बल्कि हम सबों को आगे बढ़ने में सहयोग भी मिलता है. उन्होंने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन कहते हुए कहा कि स्वच्छ तन, स्वच्छ मन व स्वच्छ पर्यावरण से ही मानव उन्नति संभव है. जिस पर हम सबों को सामूहिक रूप पर कार्य करने की आवश्यकता है. एनएसएस प्रभारी प्रो राकेश पासवान ने राष्ट्रीय सेवा योजना की ओर से चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं के बारे में उपस्थित छात्र-छात्राओं को अवगत कराया व इसका लाभ लेने की भी बात कही. उन्होंने कहा कि आगामी दो दिनों तक चलने वाले कार्यक्रम स्वच्छता ही सेवा की रूपरेखा छात्र-छात्राओं को सामने रखी. इसमें नुक्कड़ नाटक, सार्वजनिक स्थान की सफाई, कॉलेज परिसर की सफाई के अलावा डोर-टू- डोर कैंपेन चलाने की बात कही, ताकि स्वच्छता पर विशेष बल दिया जा सके. मौके पर प्रो रूबी सिंह, प्रो विपिन बिहारी, प्रो अभिषेक आनंद, प्रो उत्तम पासवान, प्रो गिरधारी लाल लोधी, प्रो ईश्वर पासवान, नरेंद्र सिंह, पिंटू मिश्रा, अंकिता कुमारी, खुशबू कुमारी, मुस्कान कुमारी, दीक्षा कुमारी समेत कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे.

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