वैशाली में बाढ़ की स्थिति में सुधार, गंडक अब भी खतरे के निशान से ऊपर, 84 गांव प्रभावित

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वैशाली जिले में बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं, क्योंकि गंडक नदी के जलस्तर में गिरावट आई है. हालांकि, हाजीपुर और लालगंज में नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. प्रशासन राहत और बचाव कार्यों में जुटा है.

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Vaishali Flood: वैशाली जिले में गंडक नदी के जलस्तर में लगातार गिरावट से बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत मिले हैं. हालांकि हाजीपुर और लालगंज में गंडक का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य जारी रखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा है. नदी के जलस्तर के साथ तटबंधों की स्थिति पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.

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वाल्मीकिनगर बराज से घटा गंडक का जलस्राव

रिपोर्ट के अनुसार वाल्मीकिनगर बराज से गंडक नदी में 1.14 लाख क्यूसेक जलस्राव दर्ज किया गया. पिछले तीन दिनों में यह आंकड़ा 1.29 लाख से 1.315 लाख क्यूसेक के बीच रहा था. जलस्राव में कमी को बाढ़ की स्थिति में सुधार के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है.

रेवा घाट पर गंडक का जलस्तर 53.91 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.50 मीटर नीचे है. वहीं लालगंज में नदी का जलस्तर 51.47 मीटर रहा, जो खतरे के निशान से 0.97 मीटर ऊपर है. हाजीपुर में गंडक 50.41 मीटर पर रही, जो खतरे के निशान से 0.09 मीटर ऊपर है.

बाढ़ से संबंधित फोटो | Prabhat Khabar Network

गांधी घाट पर गंगा भी खतरे के निशान से ऊपर

गांधी घाट पर गंगा का जलस्तर 50.36 मीटर दर्ज किया गया. यह खतरे के निशान से 1.76 मीटर ऊपर है. ऐसे में गंगा और गंडक दोनों नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की नजर बनी हुई है.

छह प्रखंडों की 32 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित

जिले के छह प्रखंडों हाजीपुर, राघोपुर, देसरी, सहदेई बुजुर्ग, महनार और बिदुपुर की 32 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं. इसके अलावा दो नगर निकायों के 13 वार्ड और 84 गांव भी बाढ़ की चपेट में हैं.

प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 23,174 पॉलीथिन शीट, 11,600 ड्राई राशन पैकेट और 594.1 क्विंटल पशु चारा वितरित किया गया है.

बाढ़ से संबंधित फोटो | Prabhat Khabar Network

54 सामुदायिक रसोई और 24 चिकित्सा शिविर संचालित

बाढ़ प्रभावित लोगों को भोजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 54 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं. इसके अलावा 14 मानव चिकित्सा शिविर और 10 पशु चिकित्सा शिविर भी चल रहे हैं.

प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है.

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर 24 घंटे निगरानी

तटबंधों की सुरक्षा के लिए अभियंताओं, कर्मियों और संबंधित स्टाफ को 24 घंटे सतर्क रखा गया है. जिले के वरीय अधिकारी भी प्रभावित क्षेत्रों का लगातार निरीक्षण कर रहे हैं. प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के साथ तटबंधों की सुरक्षा बनाए रखना है.

आपदा की स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

किसी भी आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क किया जा सकता है. हाजीपुर अनुमंडल नियंत्रण कक्ष का नंबर 06224-272215 और महनार अनुमंडल नियंत्रण कक्ष का नंबर 06229-299950 है.

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