हाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 2772 वादों का हुआ निष्पादन, पांच करोड़ से अधिक राशि का हुआ सेटलमेंट

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विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य को सम्मानित करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network

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हाजीपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत में 2772 मामलों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया, जिसमें 5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि का सेटलमेंट हुआ. लोक अदालत का उद्देश्य सुलह-समझौते से त्वरित न्याय दिलाना है.

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Lok Adalat Hajipur : हाजीपुर जिला विधिक सेवा प्राधिकार वैशाली के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट और समाहरणालय परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया. लोक अदालत में जिले भर से बड़ी संख्या में वादी और प्रतिवादी पहुंचे. सुनवाई के दौरान कुल 2772 मामलों का निष्पादन किया गया. इन मामलों में कुल 5 करोड़ 17 लाख 78 हजार 957 रुपये की राशि का सेटलमेंट हुआ.

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प्रभारी जिला जज सहित अधिकारियों ने किया उद्घाटन

राष्ट्रीय लोक अदालत का उद्घाटन प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो गयासुद्दीन, डीएम वर्षा सिंह, एसपी शुभांक मिश्रा, जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंडी लाल दास और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सदस्य सह सचिव स्वर्गीय कन्हाई शुक्ला सामाजिक सेवा संस्थान के सचिव डॉ सुधीर कुमार शुक्ला ने संयुक्त रूप से किया.

35183 मामलों को किया गया था चिह्नित

प्रभारी जिला जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए कुल 35183 मामलों को चिह्नित किया गया था. इनमें न्यायालय में लंबित 8900 मामले भी शामिल थे. लोक अदालत में आपराधिक समनीय मामले, मोटर वाहन दावा वाद, श्रम विभाग से संबंधित मामले, वैवाहिक विवाद और दीवानी वाद समेत विभिन्न प्रकार के मामलों को शामिल किया गया.

मामलों के निष्पादन के लिए बनाए गए 30 बेंच

मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए न्यायालय और समाहरणालय परिसर में कुल 30 बेंच बनाए गए थे. ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों के निष्पादन के लिए समाहरणालय परिसर में विशेष बेंच की व्यवस्था की गयी थी. यहां संबंधित मामलों का सुलह और समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया.

स्वास्थ्य जांच शिविर में 100 से अधिक लोगों की जांच

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर का भी आयोजन किया गया. वैष्णवी हॉस्पिटल के मुख्य चिकित्सक डॉ रंजन की ओर से लगाए गए स्वास्थ्य जांच शिविर का उद्घाटन अधिकारियों ने किया. शिविर में 100 से अधिक लोगों की हड्डी से संबंधित बीमारियों की जांच की गयी.

सहमति से त्वरित न्याय देना लोक अदालत का उद्देश्य

प्रभारी जिला जज ने कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य संबंधित पक्षकारों की सहमति से सुलह और समझौते के माध्यम से मामलों का त्वरित निष्पादन करना है. इससे पक्षकारों के समय, धन और संसाधनों की बचत होती है. लोक अदालत के माध्यम से मामले के निबटारे पर कोर्ट फीस की वापसी का भी प्रावधान है. आपसी सहमति से लोक अदालत में समाप्त हुए मामले के खिलाफ सामान्य तौर पर अपील का प्रावधान नहीं होता है.

डीएम ने लोगों से लोक अदालत का लाभ उठाने की अपील की

डीएम वर्षा सिंह ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द का माहौल मजबूत होता है. यहां फैसले दोनों पक्षों की सहमति के आधार पर होते हैं, इसलिए इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है. उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाएं और अपने लंबित मामलों का सुलह-समझौते के माध्यम से निष्पादन कराएं.

अधिकारियों ने योजनाओं की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान एसपी शुभांक मिश्रा, डॉ सुधीर कुमार शुक्ला, चंडी लाल दास और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव प्रमोद कुमार समेत अन्य अधिकारियों ने लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निष्पादन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से चलायी जा रही योजनाओं की जानकारी दी. मौके पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक और पुलिस पदाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे.

फोटो -53- वादों का निष्पादन करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
फोटो -53- वादों का निष्पादन करते अधिकारी | Prabhat Khabar Network
फोटो -54- शिविर में आए लोगों की भीड़  | Prabhat Khabar Network
फोटो -54- शिविर में आए लोगों की भीड़ | Prabhat Khabar Network

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