हाजीपुर में बाढ़ को लेकर अलर्ट, गंडक खतरे के निशान से ऊपर, 53 नावें तैनात, 24 घंटे हो रही निगरानी
गंगा का बढ़ता जलस्तर
Hajipur Flood News : हाजीपुर में नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. गंडक नदी खतरे के निशान से 18 सेमी ऊपर बह रही है, वहीं गंगा का जलस्तर भी बढ़ा है. जिला प्रशासन ने राहत और बचाव कार्यों को तेज कर दिया है.
Hajipur Flood News : हाजीपुर में नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने आंशिक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां तेज कर दी हैं. लालगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है और जलस्तर बढ़ने की रफ्तार भी दर्ज की जा रही है. दूसरी ओर गांधी घाट पर गंगा खतरे के निशान से 68 सेंटीमीटर ऊपर है, हालांकि यहां जलस्तर में कमी हो रही है. प्रशासन ने 53 नावों को परिचालन में लगाया है और एसडीआरएफ को अलर्ट रखा है.
आपके शहर में
वाल्मीकिनगर बराज से 99,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया
जिला प्रशासन के अनुसार 28 अगस्त की सुबह छह बजे वाल्मीकिनगर बराज से 99,800 क्यूसेक पानी छोड़ा गया. इससे पहले 25 अगस्त को 92,900 क्यूसेक, 26 अगस्त को 1,50,200 क्यूसेक और 27 अगस्त को 1,06,600 क्यूसेक का उच्चतम जलस्त्राव दर्ज किया गया था. प्रशासन नदियों के जलस्तर और प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर रख रहा है.

लालगंज में गंडक खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर
लालगंज में गंडक नदी का जलस्तर 50.68 मीटर दर्ज किया गया है. यहां खतरे का निशान 50.50 मीटर है, यानी नदी 0.18 मीटर यानी 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है. प्रशासन के अनुसार जलस्तर में 9.16 मिमी प्रति घंटे की दर से वृद्धि दर्ज की जा रही है.
गांधी घाट पर गंगा 68 सेंटीमीटर ऊपर, लेकिन घट रहा जलस्तर
गांधी घाट पर गंगा नदी का जलस्तर 49.28 मीटर है. यहां खतरे का निशान 48.60 मीटर है. इस तरह गंगा खतरे के निशान से 0.68 मीटर यानी 68 सेंटीमीटर ऊपर है. हालांकि राहत की बात यह है कि यहां जलस्तर में 15.0 मिमी प्रति घंटे की दर से कमी दर्ज की जा रही है.

रेवा और हाजीपुर में गंडक अभी खतरे के निशान से नीचे
प्रशासन के अनुसार रेवा और हाजीपुर में गंडक नदी का जलस्तर फिलहाल खतरे के निशान से नीचे है. इसके बावजूद नदी के जलस्तर में बदलाव को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जा रही है. प्रशासन ने जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव संसाधनों को तत्काल सक्रिय करने की व्यवस्था की है.
चार प्रखंडों में 53 नावों का परिचालन
बाढ़ से आंशिक रूप से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के आवागमन को सुगम बनाने के लिए राघोपुर, बिदुपुर, देसरी और सहदेई बुजुर्ग प्रखंडों में कुल 53 सरकारी और निजी नावें चलायी जा रही हैं. प्रशासन का उद्देश्य प्रभावित लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना है.
जरूरतमंद परिवारों को दी गयीं 270 पॉलीथिन शीट
प्रशासन के अनुसार जरूरतमंद लोगों को अब तक 270 पॉलीथिन शीट उपलब्ध करायी गयी हैं. प्रभावित क्षेत्रों में राहत से जुड़ी जरूरतों की निगरानी की जा रही है और स्थिति के अनुसार संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी रखी गयी है.

मेडिकल कैंप में दवाओं के साथ स्वास्थ्य सुविधा
आंशिक प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कैंप आयोजित किये जा रहे हैं. इन कैंपों में लोगों को चिकित्सीय सहायता के साथ आवश्यक दवाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं. प्रशासन का जोर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी परेशानी को समय रहते नियंत्रित करने पर है.
पशुओं के लिए भी चिकित्सा और टीकाकरण की व्यवस्था
प्रभावित इलाकों में पशुपालन विभाग भी सक्रिय है. विभाग की ओर से पशुओं के इलाज और आवश्यक टीकाकरण के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है. बाढ़ जैसी स्थिति में पशुधन को होने वाले नुकसान को कम करने के लिए विभागीय टीमों को सक्रिय रखा गया है.
तटबंधों की 24 घंटे निगरानी, अधिकारी और अभियंता तैनात
तटबंधों की सुरक्षा के लिए अधिकारी, अभियंता और कर्मी 24 घंटे निगरानी कर रहे हैं. बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के अभियंताओं की ओर से तटबंधों की लगातार गश्ती की जा रही है. प्रशासन किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए तटबंधों की स्थिति पर विशेष नजर रख रहा है.
चार जगहों पर एसडीआरएफ टीमें अलर्ट मोड में
किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव के लिए महनार, राघोपुर, हाजीपुर और लालगंज में एसडीआरएफ की टीमें अलर्ट मोड पर तैनात हैं. जिला आपदा नियंत्रण कक्ष भी चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है.
बाढ़ से जुड़ी मदद के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क
जलस्तर, बाढ़, राहत या बचाव से जुड़ी सहायता और प्रमाणिक सूचना के लिए नागरिक जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के नंबर 06224-260233 और 06224-260234 पर संपर्क कर सकते हैं. प्रशासन ने लोगों से किसी भी आपात स्थिति में आधिकारिक माध्यम से जानकारी लेने की अपील की है.
प्रशासन की अपील, अफवाहों पर ध्यान न दें
जिला पदाधिकारी ने आम लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और बाढ़ या जलस्तर से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें. नागरिकों को अनावश्यक रूप से जलजमाव वाले इलाकों और तेज बहाव वाले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गयी है.
Also Read : रक्षाबंधन पर भी नहीं टूटा KYP संचालकों का हौसला, चौथे दिन धरने पर डटे; बोले- रिन्यूवल नहीं तो आंदोलन जारी
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए