गोपालगंज: कुचायकोट के स्कूल में जलजमाव से आधी हुई बच्चों की उपस्थिति, पानी के बीच आने-जाने को मजबूर छात्र

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फोटो नं 08- उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तिवारी मटिहनियां में जल जमाव | Prabhat Khabar Network

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तिवारी मटिहनियां उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में जलजमाव के कारण छात्रों की उपस्थिति आधी रह गई है। कीड़े-मकोड़ों के डर से अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं।

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Gopalganj News : कुचायकोट प्रखंड के तिवारी मटिहनियां उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में बरसात के दिनों में जलजमाव छात्र-छात्राओं और शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है. विद्यालय परिसर में पानी भर जाने के कारण बच्चों को पानी के बीच से होकर विद्यालय आने-जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है. वहीं, परिसर में कीड़े-मकोड़ों का खतरा भी बना रहता है.

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जलजमाव के कारण आधी रह गयी बच्चों की उपस्थिति

विद्यालय परिसर में लगातार पानी जमा रहने से कई अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से कतरा रहे हैं. इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की उपस्थिति पर पड़ा है. बताया जा रहा है कि जलजमाव के कारण विद्यालय में बच्चों की उपस्थिति करीब आधी रह गयी है.

पानी के बीच से होकर स्कूल पहुंच रहे छात्र

बारिश के बाद विद्यालय परिसर और आसपास के रास्ते में पानी जमा हो जाता है. ऐसे में छात्र-छात्राओं को पानी से बचते हुए स्कूल पहुंचना पड़ता है. जलजमाव के कारण परिसर में कीड़े-मकोड़ों का खतरा भी बना रहता है, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक चिंतित हैं.

भवन की कमी से भी बढ़ी परेशानी

विद्यालय के प्रधानाध्यापक कृष्ण बिहारी तिवारी ने बताया कि भवन की कमी के कारण पठन-पाठन में भी कई तरह की परेशानियां सामने आ रही हैं. नए भवन के निर्माण के लिए 51 डिसमिल भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र अंचल अधिकारी को दिया गया था, लेकिन पुराना विद्यालय भवन प्रस्तावित भूमि से 200 मीटर से अधिक दूरी पर होने के कारण एनओसी रद्द कर दी गयी.

निजी जमीन के कारण पहुंच पथ भी प्रभावित

प्रधानाध्यापक ने बताया कि विद्यालय तक पहुंचने वाले रास्ते में पड़ने वाली जमीन निजी है. इस कारण बरसात से पहले रास्ते का मिट्टीकरण कराने में भी परेशानी होती है. बारिश होते ही विद्यालय परिसर के साथ पहुंच पथ भी जलमग्न हो जाता है, जिससे बच्चों और शिक्षकों को आने-जाने में परेशानी होती है.

स्थायी जलनिकासी और नए भवन की मांग

विद्यालय प्रबंधन और ग्रामीणों ने बच्चों की परेशानी को देखते हुए जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कराने की मांग की है. साथ ही नए विद्यालय भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू कराने की भी मांग की गयी है. ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी सुविधाओं के अभाव में बारिश के दिनों में बच्चों की पढ़ाई लगातार प्रभावित हो रही है.

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