गोपालगंज में डायट थावे के प्रशिक्षण में शिक्षकों को मिले आधुनिक शिक्षण के गुर, गतिविधि आधारित पढ़ाई पर दिया गया जोर

Author Ajit dubey|Edited by Vivek Ranjan
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प्रशिक्षण के दौरान अपने कौशलों का प्रदर्शन करते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

प्रशिक्षण के दौरान अपने कौशलों का प्रदर्शन करते शिक्षक | Prabhat Khabar Network

गोपालगंज में डायट, थावे में शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया. इसमें आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, गतिविधि आधारित शिक्षा और NEP 2020 के कार्यान्वयन पर जोर दिया गया. शिक्षकों को बच्चों के समग्र विकास के लिए व्यावहारिक और नवीन तकनीकें सिखाई गईं.

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गोपालगंज: एससीईआरटी के निर्देशानुसार जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), थावे में चल रहे शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम में शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण पद्धति, गतिविधि आधारित शिक्षण और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी दी गई. प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को बच्चों के समग्र विकास के लिए व्यवहारिक और नवाचारी शिक्षण तकनीकों से भी अवगत कराया गया.

बच्चों के भावनात्मक और क्रियात्मक विकास पर दिया जोर

संस्थान के व्याख्याता प्रकाश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल बच्चों को विषयों का ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उनके ज्ञानात्मक, भावनात्मक और क्रियात्मक विकास को भी सुनिश्चित करना है.

उन्होंने कहा कि बच्चों में विषयों की समझ ऐसी विकसित होनी चाहिए, जिसका सकारात्मक प्रभाव उनके व्यवहार और दैनिक जीवन में भी दिखाई दे. इस दौरान उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों में लेखन कौशल विकसित करने के कई महत्वपूर्ण तरीके बताए.

अक्षरों की समझ और गतिविधि आधारित शिक्षण पर विशेष सत्र

व्याख्याता मंजू कुमारी ने प्रशिक्षु शिक्षकों को बच्चों में अक्षरों और शब्दों की समझ विकसित करने से संबंधित अवधारणाओं की विस्तार से जानकारी दी.

वहीं, व्याख्याता डॉ. रंजीता प्रियदर्शनी ने कक्षाओं में गतिविधि आधारित शिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इससे पढ़ाई अधिक रुचिकर, प्रभावी और बच्चों की सहभागिता बढ़ाने वाली बनती है.

एनईपी 2020 की शिक्षण पद्धति से कराया अवगत

प्रशिक्षण के दौरान मो. रियाजुद्दीन और मो. आरिफ सहित अन्य व्याख्याताओं ने शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप नई शिक्षण पद्धतियों की जानकारी दी.

प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षण कौशल को बेहतर बनाना

डायट के प्रभारी प्राचार्य ओंकार नाथ मिश्र ने कहा कि इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के शिक्षण कौशल को विकसित करना है.

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में दिए जा रहे सुझावों और तकनीकों को विद्यालयों में लागू कर शिक्षण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है. साथ ही उन्होंने शिक्षकों को शिक्षा विभाग के नवीनतम निर्देशों की भी जानकारी दी.

200 से अधिक शिक्षक हुए शामिल

प्रशिक्षण कार्यक्रम में नबीउल्लाह हसन, दिनेश तिवारी, सतीश द्विवेदी, राजू शर्मा, अजय कुमार मिश्र, जूली राय, जितेंद्र मिश्र सहित जिले के विभिन्न प्रखंडों के 200 से अधिक शिक्षक शामिल हुए.

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