गोपालगंज: यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर छात्रों को स्कूल से निकालने के आरोप में हेडमास्टर को नोटिस, डीईओ ने मांगा जवाब

Updated:
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर

सांकेतिक तस्वीर

गोपालगंज के एक स्कूल में यूनिफॉर्म नहीं पहनने पर छात्रों को बाहर निकालने का मामला सामने आया है. शिक्षा विभाग ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है. यह मामला शिक्षा के अधिकार कानून के उल्लंघन से जुड़ा है.

विज्ञापन

रिपोर्ट: विकास दुबे, गोपालगंज

गोपालगंज: जिले के मांझा प्रखंड स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय, धर्मपरसा में यूनिफॉर्म नहीं पहनकर आने वाले छात्रों को विद्यालय से बाहर निकालने के आरोप को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है. जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) अमरेंद्र कुमार पांडेय ने प्रभारी प्रधानाध्यापक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकतरफा विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी.

ग्रामीणों की शिकायत के बाद जारी हुआ नोटिस

डीईओ ने बताया कि स्थानीय ग्रामीणों ने दूरभाष के माध्यम से शिकायत की थी कि विद्यालय के कुछ छात्रों को केवल इसलिए कक्षा में बैठने नहीं दिया गया क्योंकि वे निर्धारित स्कूल यूनिफॉर्म पहनकर नहीं आए थे. शिकायत मिलने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी किया.

आरटीई कानून का उल्लंघन मान रहा शिक्षा विभाग

डीईओ ने कहा कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE Act) के तहत प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार प्राप्त है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र को केवल यूनिफॉर्म, पहचान पत्र या अन्य सामग्री के अभाव में शिक्षा से वंचित नहीं किया जा सकता. यदि ड्रेस नहीं होने के कारण बच्चों को विद्यालय से बाहर किया गया है, तो यह उनके शिक्षा के अधिकार और मौलिक अधिकार का उल्लंघन माना जाएगा.

उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की कार्रवाई छात्रों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी उचित नहीं है.

हेडमास्टर से तीन बिंदुओं पर मांगा जवाब

डीईओ ने प्रभारी प्रधानाध्यापक से निम्नलिखित बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा है—

  • किस नियम या आदेश के तहत छात्रों को विद्यालय से बाहर निकाला गया?
  • क्या यूनिफॉर्म नहीं होने के संबंध में पहले अभिभावकों को कोई लिखित सूचना दी गई थी?
  • भविष्य में ऐसी घटना दोबारा न हो, इसके लिए विद्यालय क्या सुधारात्मक कदम उठाएगा?

तीन दिन में जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई

डीईओ ने निर्देश दिया है कि तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया जाए.

उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिला या जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो इसे विभागीय निर्देशों की अवहेलना, छात्रों को शिक्षा से वंचित करने तथा विद्यालय संचालन में मनमानी मानते हुए एकतरफा विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी.

Also Read: बिहार विधानसभा में आज पेश होंगे 7 विधेयक, दाखिल-खारिज, सेवा कर समेत ये हैं शामिल


विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन