गोपालगंज में छात्रवृत्ति के OTR अपडेट की रफ्तार बेहद धीमी, 63 हजार में महज 13 छात्रों की इंट्री
फोटो :- जिला शिक्षा विभाग | Prabhat Khabar Network
गोपालगंज में प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए ओटीआर अपडेट की गति बेहद धीमी है। 63 हजार छात्रों के लक्ष्य के मुकाबले अब तक सिर्फ 13 छात्रों का ही रजिस्ट्रेशन हुआ है।
Gopalganj News : प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति के लिए जरूरी ओटीआर अपडेट कराने में गोपालगंज की रफ्तार बेहद धीमी है. जिले में नौवीं और दसवीं कक्षा के 63 हजार 436 विद्यार्थियों का ओटीआर इ-शिक्षाकोश पर दर्ज किया जाना है, लेकिन अब तक महज 13 विद्यार्थियों की ही इंट्री हो सकी है. यानी लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ करीब 0.02 प्रतिशत काम पूरा हुआ है. 15 सितंबर की अंतिम समय सीमा नजदीक है, ऐसे में हजारों विद्यार्थियों की छात्रवृत्ति प्रक्रिया समय पर पूरी कराने की चुनौती विभाग के सामने है.
63 हजार छात्रों में सिर्फ 13 का ओटीआर अपडेट
जिले के नामांकित 63 हजार 436 छात्रों के ओटीआर को इ-शिक्षाकोश पर अपडेट किया जाना है. विभागीय समीक्षा के बावजूद अब तक सिर्फ 13 विद्यार्थियों की इंट्री हो सकी है. इतनी कम प्रगति के कारण गोपालगंज बिहार के जिलों में 30वें स्थान पर है. समय सीमा तेजी से नजदीक आने के बावजूद काम की रफ्तार नहीं बढ़ने से प्रक्रिया पर सवाल उठ रहे हैं.
15 सितंबर तक पूरी करनी है पूरी प्रक्रिया
समग्र शिक्षा विभाग के डीपीओ शिवम ने सभी स्कूलों के प्रधानाध्यापक और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों का एनसीपी पोर्टल से रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है. रजिस्ट्रेशन के बाद विद्यार्थियों का ओटीआर प्राप्त कर उसकी इंट्री इ-शिक्षाकोश पर 15 सितंबर तक करनी है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय पर प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर विद्यार्थियों को प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है.
स्कूल से प्रखंड स्तर तक निगरानी पर उठ रहे सवाल
63 हजार 436 विद्यार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले महज 13 ओटीआर अपडेट होना सामान्य प्रगति नहीं मानी जा रही है. इससे स्कूल स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक की मॉनिटरिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. विभाग की ओर से लगातार समीक्षा के बावजूद आंकड़ा नहीं बढ़ना इस बात की ओर इशारा करता है कि प्रक्रिया में कहीं न कहीं बड़ी अड़चन है.
स्कूलवार समीक्षा की जरूरत
विभाग के सामने अब यह पता लगाने की चुनौती है कि कितने स्कूलों ने विद्यार्थियों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है और कितने विद्यालयों में ओटीआर इंट्री लंबित है. स्कूलवार और प्रखंडवार समीक्षा के माध्यम से लंबित मामलों को चिह्नित कर तेजी से काम कराने की जरूरत है.
रिकॉर्ड में गलती हुई तो अटक सकती है प्रक्रिया
ओटीआर प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों का नाम, जन्मतिथि, आधार समेत अन्य जरूरी विवरण सही होना आवश्यक है. रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर रजिस्ट्रेशन और आगे की प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है. इसलिए स्कूलों को विद्यार्थियों के रिकॉर्ड की जांच करने और त्रुटियों को दूर कराने के साथ ओटीआर इंट्री पूरी करनी होगी.
सुस्ती का खामियाजा छात्रों को नहीं भुगतना पड़े
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति जरूरतमंद विद्यार्थियों के लिए आर्थिक सहायता का महत्वपूर्ण माध्यम है. 15 सितंबर तक 63 हजार से अधिक विद्यार्थियों की प्रक्रिया पूरी कराना विभाग के सामने बड़ी चुनौती है. अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग स्कूल और प्रखंड स्तर पर निगरानी बढ़ाकर ओटीआर अपडेट की रफ्तार कितनी तेज कर पाता है. विभागीय स्तर पर होने वाली देरी का असर विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति पर नहीं पड़ना चाहिए.
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