गोपालगंज के निर्देशक कमलेश मिश्र की फिल्म 'काकोरी' को मिलेगा 72वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार

फिल्म 'काकोरी' का एक दृश्य
Gopalganj News : गोपालगंज के फिल्म निर्देशक कमलेश मिश्र की ऐतिहासिक फिल्म 'काकोरी' को 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए चुना गया है. यह फिल्म 1925 के काकोरी कांड पर आधारित है.
Gopalganj News : जिले के हथुआ प्रखंड के सिंगहा गांव निवासी फिल्म निर्देशक कमलेश मिश्र की फिल्म 'काकोरी' का चयन 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार के लिए किया गया है. भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार शाम इसकी घोषणा की. फिल्म को नॉन-फीचर श्रेणी में सर्वश्रेष्ठ ऐतिहासिक पुनर्निर्माण फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिलेगा. इस उपलब्धि के साथ कमलेश मिश्र ने एक बार फिर गोपालगंज और बिहार का नाम राष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है.
काकोरी कांड पर आधारित है फिल्म
कमलेश मिश्र ने बताया कि फिल्म 'काकोरी' वर्ष 1925 के ऐतिहासिक काकोरी रेल एक्शन पर आधारित है. इस घटना में रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद समेत कई क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों के सरकारी खजाने को ट्रेन से लूटकर स्वतंत्रता संग्राम को नई दिशा दी थी. बाद में अंग्रेजी हुकूमत ने रामप्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी को फांसी की सजा दी थी. काकोरी रेल एक्शन के 100 वर्ष पूरे होने पर यह फिल्म श्रद्धांजलि स्वरूप बनाई गई थी.
गोपालगंज से जुड़ी है फिल्म की पूरी टीम
फिल्म 'काकोरी' का गोपालगंज से गहरा जुड़ाव है. लेखक और निर्देशक कमलेश मिश्र तथा प्रोड्यूसर मिंटी मिश्रा गोपालगंज से हैं. फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर सोनू सिंह राजपूत बरौली प्रखंड के हलुआर पीपरा गांव के निवासी हैं. मानवेंद्र त्रिपाठी कटेया प्रखंड के गौरा गांव से हैं. इसके अलावा गोपालगंज के पीयूष सिंह ने भी फिल्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.
कई कलाकारों ने निभाए क्रांतिकारियों के किरदार
फिल्म में पीयूष सुहाने ने रामप्रसाद बिस्मिल की भूमिका निभाई है, जबकि मानवेंद्र त्रिपाठी अशफाक उल्ला खान के किरदार में नजर आए हैं. विकास श्रीवास्तव ने रोशन सिंह, रजनीश कौशिक ने चंद्रशेखर आजाद और संजय मोदयानी ने अंग्रेज जज की भूमिका निभाई है. राजेंद्र नाथ लाहिड़ी का किरदार संतोष कुमार ओझा ने निभाया है. फिल्म के डीओपी देव अग्रवाल हैं. संगीत बापी भट्टाचार्य ने दिया है और साउंड डिजाइनर शांतनु मुखर्जी हैं. फिल्म के गीत अमित मुतरेजा और रवींद्र शिंदे ने गाए हैं, जबकि गीतों की रचना स्वयं कमलेश मिश्र ने की है.
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बड़े भाई के मार्गदर्शन को बताया सफलता का आधार
राष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चयनित होने पर सिंगहा गांव समेत पूरे जिले में खुशी का माहौल है. कमलेश मिश्र ने अपनी सफलता का श्रेय बड़े भाई दिनेश मिश्र के मार्गदर्शन और स्नेह को देते हुए कहा कि उनके सहयोग से ही यह उपलब्धि संभव हो सकी.
प्रोड्यूसर बोले. अमर क्रांतिकारियों को समर्पित है फिल्म
फिल्म के प्रोड्यूसर जसविंदर सिंह ने कहा कि 'काकोरी' उन अमर क्रांतिकारियों को समर्पित है, जिनके बलिदान के कारण देश आजाद हुआ. उन्होंने कहा कि फिल्म के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियों के साहस, समर्पण और बलिदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया गया है.
पहले भी मिल चुका है राष्ट्रीय पुरस्कार
कमलेश मिश्र इससे पहले भी राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित हो चुके हैं. वर्ष 2018 में उनकी फिल्म 'मधुबनी. द स्टेशन ऑफ कलर्स' को सर्वश्रेष्ठ नैरेशन श्रेणी में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला था. अब 'काकोरी' के चयन ने एक बार फिर गोपालगंज और बिहार का गौरव बढ़ाया है.
बिहार के चार लोगों को मिलेगा राष्ट्रीय सम्मान
72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार में इस बार बिहार के चार लोगों का चयन हुआ है. निर्देशक के रूप में कमलेश मिश्र और प्रोड्यूसर के रूप में मिंटी मिश्रा को सम्मानित किया जाएगा. वहीं सर्वश्रेष्ठ फिल्म समीक्षक का पुरस्कार संजीव श्रीवास्तव और सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता का पुरस्कार संजय मिश्रा को मिलेगा.
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