गोपालगंज में किसान प्रकोष्ठ की बैठक, खाद-बीज और फसल के उचित मूल्य का उठा मुद्दा

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किसान प्रकोष्ठ जिला कार्यकारिणी की बैठक करते अध्यक्ष व अन्य

जन सुराज किसान प्रकोष्ठ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में किसानों की मूलभूत समस्याओं पर गंभीरता से चर्चा हुई. खाद-बीज की कमी, सिंचाई और फसल के उचित मूल्य न मिलने जैसे मुद्दे उठाए गए.

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खेतों में पसीना बहाने वाले किसानों की समस्याओं को लेकर मंगलवार को जन सुराज किसान प्रकोष्ठ की जिला कार्यकारिणी की बैठक में कई अहम मुद्दे उठे. खाद-बीज की उपलब्धता से लेकर सिंचाई, बिजली, फसल के उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिलने तक की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में किसानों की समस्याओं को गांव-गांव से जुटाकर संबंधित प्रशासनिक एवं सरकारी स्तर पर उठाने का निर्णय लिया गया.

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जन सुराज किसान प्रकोष्ठ जिला कार्यकारिणी की बैठक डॉ. नंदी ग्रेस इंग्लिश स्कूल में जिला किसान अध्यक्ष विजय बिहारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिले के किसानों की वर्षों से लंबित समस्याओं पर वक्ताओं ने अपनी बात रखी.

खाद-बीज से लेकर सिंचाई तक किसानों की परेशानी

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसानों के पसीने से देश और प्रदेश का पेट भरता है. इसके बावजूद किसानों को खाद, बीज, सिंचाई, बिजली, फसल के उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

वक्ताओं ने किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीरता से पहल नहीं होने पर चिंता जतायी. उन्होंने कहा कि खेती से जुड़ी बुनियादी जरूरतों की समय पर उपलब्धता नहीं होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ता है.

चुनाव के बाद किसानों के मुद्दे क्यों हो जाते हैं गायब?

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि किसानों की समस्याओं को अक्सर चुनाव के समय मुद्दा बनाया जाता है. चुनाव समाप्त होने के बाद उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है.

किसान प्रकोष्ठ ने कहा कि अब किसानों की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जायेगी. किसानों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई मजबूती से लड़ी जायेगी.

उचित मूल्य और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर

वक्ताओं ने कहा कि गोपालगंज सहित पूरे बिहार में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना चाहिए. इसके साथ ही समय पर खाद-बीज, बेहतर सिंचाई व्यवस्था और सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ किसानों तक पहुंचना जरूरी है.

उन्होंने कहा कि किसान केवल वोट बैंक नहीं हैं, बल्कि सम्मान और अधिकार के हकदार हैं. किसानों के हितों की रक्षा करना सरकार और समाज दोनों की जिम्मेदारी है.

गांव-गांव से जुटायी जायेंगी किसानों की समस्याएं

बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के किसानों की समस्याओं को गांव-गांव से एकत्रित किया जायेगा. इसके बाद संबंधित समस्याओं को प्रशासनिक और सरकारी स्तर पर उठाया जायेगा.

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जरूरत पड़ने पर किसानों के हित में लोकतांत्रिक और संगठित संघर्ष किया जायेगा. किसान प्रकोष्ठ ने किसानों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने और उनके अधिकारों के लिए लगातार आवाज बुलंद करने की बात कही.

बैठक में ये लोग रहे मौजूद

बैठक में जन सुराज के जिला अध्यक्ष अजय प्रसाद, जिला मुख्य प्रवक्ता डॉ. बिनोद कुमार सिंह (अधिवक्ता), डॉ. एलोरा नंदी, प्रमंडलीय प्रभारी राजेंद्र सिंह, वरीय पदाधिकारी फुलेश्वर प्रसाद, जिला विचार मंच प्रकोष्ठ के अध्यक्ष प्रमोद कुमार श्रीवास्तव, जिला अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष मेराजुद्दीन तसना, पंकज श्रीवास्तव, किसान प्रखंड अध्यक्ष चंद्रभान सिंह, भारत भूषण तिवारी, कुमार संजीव, संजय कुमार सिंह, मुकेश कुमार सिंह, कुमार सर सहित अन्य जन सुराजी साथी मौजूद रहे.

वक्ताओं ने कहा कि जो किसान खेतों में पसीना बहाता है, उसके अधिकारों की रक्षा करना समाज और सरकार दोनों की जिम्मेदारी है.

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