गोपालगंज की विकास योजनाओं में कहां फंसा पेंच? डीएम ने भूमि और एनओसी को लेकर दिया निर्देश

Updated:
विज्ञापन

विकास योजनाओं का समीक्षा करते डीएम व अन्य

डीएम ने जिले की सभी विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण काम पूरा करने के सख्त निर्देश दिए. भूमि, एनओसी और तकनीकी अड़चनें दूर करने पर जोर दिया गया.

विज्ञापन

Gopalganj News: मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत योजनाओं समेत जिले की सभी विकास योजनाओं को तय समयसीमा में पूरा कराने को लेकर डीएम ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है. मंगलवार को समाहरणालय सभाकक्ष में आयोजित जिला समन्वय समिति (विकास) की बैठक में योजनाओं की प्रगति, भूमि उपलब्धता, तकनीकी अड़चन और लंबित कार्यों की समीक्षा की गयी.

आपके शहर में

विज्ञापन

बैठक में उप विकास आयुक्त गौरव कुमार, अपर समाहर्ता राजेश्वरी पांडेय समेत जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे. सभी प्रखंडों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े.

डीएम ने कहा कि किसी भी विकास योजना को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाये. जिन योजनाओं में भूमि, एनओसी, तकनीकी स्वीकृति, निविदा या अन्य प्रशासनिक कारणों से काम बाधित है, उन्हें चिह्नित कर संबंधित विभाग आपसी समन्वय से तत्काल समाधान करें.

मुख्यमंत्री प्रगति यात्रा के दौरान स्वीकृत योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग करने और उनकी अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

259 आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए भूमि और एनओसी की प्रक्रिया जारी

आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण की 280 योजनाओं के लक्ष्य के विरुद्ध 259 मामलों में भूमि उपलब्ध कराने और एनओसी की प्रक्रिया चल रही है. डीएम ने संबंधित अधिकारियों को भूमि और एनओसी की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया.

वहीं, 210 आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण के लक्ष्य के विरुद्ध 42 केंद्रों में कार्य शुरू हो चुका है. जबकि 103 केंद्रों में कार्य शुरू करने की स्थिति बन गयी है. 40 मामलों में भूमि विवाद, भूमि अनुपलब्धता अथवा अन्य अड़चन सामने आयी है.

पंचायत सरकार भवनों की भी हुई समीक्षा

बैठक में पंचायत सरकार भवन की योजनाओं की भी समीक्षा की गयी. कुल 86 योजनाओं में 47 भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 39 योजनाएं प्रगति पर हैं.

भूमि विवाद और न्यायालयी मामलों से प्रभावित योजनाओं में नियमानुसार कार्रवाई करने तथा वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया गया.

राजस्व मामलों में 95 प्रतिशत रहा निष्पादन

राजस्व मामलों की समीक्षा के दौरान बताया गया कि 2,901 पुराने मामले लंबित थे. इसके अलावा वर्ष 2026-27 में 3,228 नये वाद दर्ज किये गये, जबकि 3,556 मामलों का निष्पादन किया गया. कुल निष्पादन 95 प्रतिशत रहा.

डीएम ने लंबित मामलों के निष्पादन में और तेजी लाने तथा राजस्व मामलों का समयबद्ध तरीके से निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

खरीफ फसल के आच्छादन में 99.71 प्रतिशत उपलब्धि

कृषि विभाग की समीक्षा में खरीफ 2026-27 के लिए निर्धारित 1,23,721.758 हेक्टेयर लक्ष्य के विरुद्ध 1,23,371.62 हेक्टेयर में फसल आच्छादन दर्ज किया गया. यह कुल लक्ष्य का 99.71 प्रतिशत है.

धान का आच्छादन 101.17 प्रतिशत और गन्ने का आच्छादन 100 प्रतिशत रहा. डीएम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि को बरकरार रखने तथा किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगी नजर

बैठक में तकनीकी पदाधिकारियों को निर्माणाधीन योजनाओं की गुणवत्ता और कार्य की गति की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने कहा कि किसी भी योजना के क्रियान्वयन में आने वाली समस्या का विभागीय समन्वय के माध्यम से तत्काल समाधान कराया जाये.

उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि विकास योजनाओं को समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करना प्राथमिकता है. योजनाओं की लगातार मॉनिटरिंग कर प्रगति की जानकारी वरीय अधिकारियों को उपलब्ध कराने का भी निर्देश दिया गया.

इसे भी पढ़ें:  बिहार पुलिस को मिलेगा नया मुखिया, जानिए कौन-कौन से आईपीएस अधिकारी हैं मुख्य दावेदार

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन