गोपालगंज में जमीन विवाद में 20 लाख रंगदारी मांगने का आरोप, जालसाजी से बैनामा की शिकायत, चार पर केस

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थाना की फाईल फोटो

मझवलिया गांव में जमीन विवाद का सनसनीखेज मामला सामने आया है. आरोप है कि पुस्तैनी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई, जालसाजी से बैनामा कराया गया और 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी गई. पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

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विजयीपुर थाना क्षेत्र के मझवलिया गांव में पुस्तैनी जमीन को लेकर विवाद का मामला सामने आया है. जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने की कोशिश, जालसाजी कर बैनामा कराने और 20 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप लगाया गया है. मामले में मझवलिया गांव निवासी अनिरुद्ध सिंह ने अपने पड़ोसी अनारकली देवी, नथुनी सिंह और सिकटही गांव निवासी जितेंद्र यादव समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है.

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जमीन छोड़ने के बदले 20 लाख मांगने का आरोप

प्राथमिकी में अनिरुद्ध सिंह ने आरोप लगाया है कि नामजद आरोपित उनकी पुस्तैनी जमीन पर जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं. जमीन छोड़ने के एवज में उनसे 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगी जा रही है.

शिकायतकर्ता का आरोप है कि रुपये नहीं देने पर जमीन पर जबरन कब्जा करने और जान-माल को नुकसान पहुंचाने की धमकी भी दी गयी है. मामले को लेकर उन्होंने पुलिस से सुरक्षा और पूरे प्रकरण की जांच कराने की मांग की है.

2005 में अधिक जमीन बैनामा करने का आरोप

अनिरुद्ध सिंह के अनुसार, खाता संख्या-2 के खेसरा संख्या-665 में अनारकली देवी ने छह मई 2005 को अपने हिस्से से अधिक जमीन नथुनी सिंह की पत्नी कुसुम देवी के नाम बैनामा कर दी थी.

शिकायतकर्ता का कहना है कि इसके बाद बची हुई जमीन, जो अनारकली देवी के हिस्से में बतायी गयी है, उसे 11 मार्च 2026 को पीपरही गांव निवासी शिवजी गुप्ता की पत्नी प्रीति गुप्ता के नाम बैनामा किया गया.

जाली दस्तावेज तैयार करने का भी आरोप

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इसके बावजूद अनारकली देवी ने कथित रूप से दूसरे नाम का सहारा लेकर 20 मार्च 2026 को कूटरचना कर जाली बैनामा दस्तावेज तैयार कराया. आरोप है कि इस दस्तावेज के माध्यम से उनके हिस्से की जमीन का भी बैनामा करा लिया गया.

मामला सामने आने के बाद शिकायतकर्ता ने पुलिस से दस्तावेजों की जांच कराने और जमीन से संबंधित पूरे मामले की कानूनी तरीके से जांच करने की गुहार लगायी है.

पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति

पीड़ित ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई करने और अपनी जमीन को कथित अवैध कब्जे से बचाने की मांग की है. पुलिस प्राथमिकी के आधार पर मामले की जांच कर रही है. जमीन से जुड़े दस्तावेजों और बैनामा की प्रक्रिया की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी.

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