महिला के सामाजिक बहिष्कार का फैसला

Published at :15 May 2017 5:30 AM (IST)
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महिला के सामाजिक बहिष्कार का फैसला

आशिक मिजाज दारोगा मामला. पंचायत ने गांव से निकालने से पहले माफी मांगने काे कहा सिरिसिया पंचायत ने आशिक मिजाज दारोगा का बचाव करने उतरी महिला का सामाजिक बहिष्कार किया है. महिला को सार्वजनिक तौर पर पंचायत में माफी नहीं मांगने पर गांव से निकालने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है. पंचायत के इस फरमान […]

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आशिक मिजाज दारोगा मामला. पंचायत ने गांव से निकालने से पहले माफी मांगने काे कहा

सिरिसिया पंचायत ने आशिक मिजाज दारोगा का बचाव करने उतरी महिला का सामाजिक बहिष्कार किया है. महिला को सार्वजनिक तौर पर पंचायत में माफी नहीं मांगने पर गांव से निकालने के लिए अल्टीमेटम दिया गया है. पंचायत के इस फरमान से पीड़ित परिवार दहशत में है.
गोपालगंज : सुबह के 7.30 बजे थे. गांव के बुद्धिजीवी, बुजुर्ग, युवा व महिलाएं कामकाज छोड़ कर पंचायत की तरफ निकल चुकी थीं. रविवार को निलंबित दारोगा के बचाव में उतरी गांव की महिला के विरुद्ध सिरिसिया मौजे में पंचायत लगायी गयी. पंचायत में सरपंच रामाश्रय मिश्र, मुखिया धर्मेंद्र मिश्र के अलावा सैकड़ों ग्रामीण मौजूद थे.
पंचायत बैठते ही गांव की बुजुर्ग महिलाओं ने महिला पर चरित्रहीन का आरोप लगाते हुए एक स्वर में आवाज उठायी. महिलाओं ने कहा कि गांव को अब और बदनाम होने नहीं दिया जायेगा. वहीं, पंचायत में मौजूद वशिष्ठ मिश्र, ललन प्रसाद, प्रेमशंकर साह, संजय प्रसाद, विजय कुमार, ध्रुवदेव मिश्र, चंदकिशोर सिंह, अमित मिश्रा आदि ने कहा कि महिला को आरोपित दारोगा का बचाव करना छोड़ना होगा या फिर गांव से निकलना होगा. पंचायत ने महिला और उसके परिजनों को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगने के लिए बुलाया,
लेकिन महिला और उसके परिवार का कोई भी सदस्य नहीं पहुंचा. इस पर मुखिया और सरपंच के सामने ग्रामीणों ने महिला का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया. सरपंच व मुखिया ने महिला को माफी मांगने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया. मांफी नहीं मांगने पर गांव से बाहर निकालने और कानूनी कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया.
क्या है पूरा मामला : कुचायकोट थाने में तैनात दारोगा प्रदुमन सिंह को गुरुवार की रात सिरिसिया मौजे में ग्रामीणों ने महिला के घर में आपत्तिजनक स्थिति में पकड़ा था. दारोगा को पिटाई करने के बाद मुखिया व सरपंच को कार्रवाई के लिए सौंप दिया था. मुखिया ने सरपंच के साथ रात में ही पंचायत लगायी. पंचायत में दारोगा से सार्वजनिक माफी मंगवायी गयी. इसके बाद कुचायकोट के थानाध्यक्ष की पहल पर चौकीदार को सौंप दिया गया था.
निलंबित हैं दारोगा, चार एएसआइ भी हुए थे लाइनहाजिर : सिरिसिया का मामला सामने आने के बाद एसपी रवि रंजन कुमार ने तत्काल प्रभाव से आरोपित दारोगा को निलंबित कर दिया था. वहीं, कुचायकोट थाने में तैनात चार पुलिस पदाधिकारियों को भी लाइन हाजिर करते हुए पुलिस लाइन में योगदान कराया गया था. फिलहाल पुलिस के वरीय अधिकारी इस प्रकार की जांच कर रहे हैं.
पंचायत का िनर्णय
महिला को पंचायत में बुलाया गया, लेकिन, महिला और उसके परिवार के सदस्य नहीं पहुंचे. पंचायत ने महिला पर कार्रवाई करने का निर्णय लिया है. कार्रवाई से पहले महिला को माफी मांगने के लिए एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है.
रामाश्रय मिश्र, सरपंच
एक सप्ताह का अल्टीमेटम
पंचायत ने महिला को बुलाया था, लेकिन नहीं पहुंच सकी. ग्रामीणों ने महिला का सामाजिक बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. पंचायत की ओर से एक सप्ताह का अल्टीमेटम दिया गया है. महिला अगर सार्वजनिक मांफी पंचायत से नहीं मांगती है, तो आगे की कार्रवाई की जायेगी.
धर्मेंद्र मिश्रा, मुखिया – फोटो न. 23
निलंबित दारोगा ने कहा-भोजन करने गये थे महिला के घर
कुचायकोट थाने के निलंबित दारोगा प्रदुमन सिंह घटना के तीसरे दिन मीडिया के सामने आये. दारोगा ने कहा कि ग्रामीणों ने झूठा आरोप लगाते हुए मारपीट की. दारोगा ने कहा कि महिला के घर उसके पति के बुलाने पर भोजन करने के लिए रात में गया था. घर से निकलते ही ग्रामीणों ने घेर लिया और मारपीट करने के बाद मनगढ़ंत आरोप लगाया.
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