सब्सिडी बचाने की जद्दोजहद
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :29 Feb 2016 7:50 AM (IST)
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दस लाख रुपये सालाना आय वालों की बंद होनी है सब्सिडी गोपालगंज : फॉर्मेट में भरना होगा परिवार के मुखिया का विवरण दस लाख रुपये सालाना आय वाले एलपीजी उपभोक्ता गैस एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं़ उपभोक्ताओं को फाॅर्म नहीं मिल रहा है़ डीलरों का साथ सॉफ्टवेयर ने दे दिया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक […]
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दस लाख रुपये सालाना आय वालों की बंद होनी है सब्सिडी
गोपालगंज : फॉर्मेट में भरना होगा परिवार के मुखिया का विवरण दस लाख रुपये सालाना आय वाले एलपीजी उपभोक्ता गैस एजेंसियों का चक्कर लगा रहे हैं़ उपभोक्ताओं को फाॅर्म नहीं मिल रहा है़ डीलरों का साथ सॉफ्टवेयर ने दे दिया है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के आदेश पर कंपनियों ने एलपीजी डीलरों के लिए दस लाख रुपये सालाना आय वालों की सब्सिडी कटौती का निर्देश जारी कर दिया है.
इसके साथ ही एक फॉर्मेट भी भेज दिया गया, जिसमें उपभोक्ता और परिवार के उपमुखिया की आय का पैन नंबर दर्ज कराने को कहा गया है. इस शर्त से उपभोक्ता परेशान हैं़ सब्सिडी बचाने में लगे लोगों में बड़ी आबादी ऐसी है जिनके पास पैन कार्ड नहीं है. खासतौर पर महिला उपभोक्ताओं के पास पैन कार्ड नहीं है. जिन परिवारों में पुरुषों के पास पैन नंबर है, तो उनकी पत्नियों के पास कार्ड नहीं है. कम आय वालों के साथ यह भी समस्या है कि पैन कार्ड होने के बावजूद रिटर्न यह मान कर नहीं भरते कि जब आय नहीं तो रिटर्न कैसा.
इन समस्याओं को लेकर उपभोक्ता कंपनी से भेजे गये फॉर्मेट लेने पहुंचे, तो डीलर भी चकरा गये. उन्होंने यह कहर कर फॉर्म नहीं दिया कि इसे समझा जाना बाकी है. इस मामले में डीलरों ने कंपनी से संपर्क किया है. उपभोक्ता इंटरनेट कैफे पर फॉर्मेट भरने के लिए या फिर पैन कार्ड के लिए भी बड़ी संख्या में पहुंचे. देहाती क्षेत्रों में यह समस्या पहाड़ जैसी महसूस हो रही है.
सब्सिडी छोड़ी, सिलिंडर भी नहीं आता
रसोई गैस सब्सिडी वालों की यह शिकायत है कि जब से उन्होंने सब्सिडी छोड़ी है, ऑनलाइन बुकिंग के बाद सप्लाइ नहीं आती. काफी दिन बीत जाने के बाद बुकिंग कैंसिल कर दी जाती है. इस मामले में जानकारी ली गयी, तो सब्सिडी छोड़नेवालों के लिए सॉफ्टवेयर स्तर से हो रही दिक्कत का हवाला दे दिया गया. बता दें कि आधार कार्ड लिंक न करानेवालों की सब्सिडी भी नये वित्तीय वर्ष में रोक दी जायेगी.
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