गोपालगंज में बाढ़ से पहले प्रशासन अलर्ट, तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर बढ़ेगी निगरानी

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फोटो नं 22- आपदा की बैठक में शामिल डीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

गोपालगंज डीएम ने बाढ़ पूर्व तैयारियों की समीक्षा की। 162 आश्रय स्थलों को तैयार रखने और संवेदनशील क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है।

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Gopalganj News : संभावित बाढ़ से निबटने की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है. जिला पदाधिकारी समीर सौरभ ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय एवं तकनीकी पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बाढ़ की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की. हथुआ अनुमंडल के सभी बीडीओ, सीओ और कार्यपालक पदाधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े.

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तटबंधों और संवेदनशील इलाकों पर रहेगी खास नजर

बैठक में बैकुंठपुर, सिधवलिया, बरौली, मांझा, गोपालगंज और कुचायकोट के संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की समीक्षा की गयी. प्यारेपुर, फैजुल्लाहपुर, सलेमपुर, मेहदीपुर पकड़िया, रामपुर टेंगराही, जादोपुर दुखहरन और नीमुइंया सहित अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया.

डीएम ने तटबंधों की लगातार निगरानी करने तथा तटबंधों और छरकियों पर सैंडबैग एवं अन्य बाढ़ संघर्षणात्मक सामग्री का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने को कहा.

नाव, गोताखोर और आपदा मित्र रहेंगे तैयार

बैठक में सरकारी और निजी नावों, गोताखोरों तथा आपदा मित्रों की अंचलवार उपलब्धता और तैनाती की समीक्षा की गयी. संभावित बाढ़ प्रभावित इलाकों में नियमित निगरानी के साथ माइकिंग कराने का निर्देश दिया गया.

डीएम ने नाव परिचालन से जुड़े प्रतिबंध और निषेधाज्ञा का सख्ती से पालन कराने को भी कहा, ताकि बाढ़ की स्थिति में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो.

मेडिकल टीम से लेकर एंटी-स्नेक वेनम तक की व्यवस्था

स्वास्थ्य विभाग को मोबाइल मेडिकल टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रखने और आकस्मिक दवाओं का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. डीएम ने एंटी-स्नेक वेनम की पर्याप्त उपलब्धता रखने को भी कहा.

पशुपालन विभाग को संभावित बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा और जरूरी दवाओं की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. वहीं, डीपीओ आइसीडीएस को प्रभावित क्षेत्रों की गर्भवती और धात्री महिलाओं की सूची तैयार कर संबंधित अंचलाधिकारियों को उपलब्ध कराने को कहा गया.

पेयजल, सड़क और बिजली की व्यवस्था रहे दुरुस्त

पेयजल, सड़क और बिजली व्यवस्था की समीक्षा के दौरान डीएम ने पीएचईडी को जरूरत के अनुसार अस्थायी चापाकल लगाने, मौजूदा चापाकलों का उच्चीकरण करने और शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

पथ प्रमंडल को पुल-पुलियों की साफ-सफाई और बाढ़ पूर्व सभी जरूरी तैयारियां पूरी करने को कहा गया. वहीं विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था मजबूत रखने तथा नंगे तारों की मरम्मती के लिए कुशल श्रमिकों को तैयार रखने का निर्देश दिया गया.

लापरवाही मिली तो होगी कड़ी कार्रवाई

बैठक के अंत में डीएम समीर सौरभ ने कहा कि संभावित बाढ़ से निबटने के लिए सभी विभाग अपनी पूर्व तैयारियां समय पर पूरी रखें और सूचना तंत्र को मजबूत करें. किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है.

उन्होंने स्पष्ट किया कि आपदा के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर आपदा प्रबंधन के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जायेगी.

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