...तो क्या तेजाब से जलाकर हुई रामाशंकर की हत्या

Updated at : 30 Aug 2019 5:45 AM (IST)
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...तो क्या तेजाब से जलाकर हुई रामाशंकर की हत्या

गोविंद कुमार, गोपालगंज : ठेकेदार रामाशंकर सिंह की हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती है. मौत के बाद एक के बाद एक आरोप से पुलिस भी जांच में उलझ गयी है, इसलिए फॉरेंसिक टीम का सहारा लिया जा रहा है. रामाशंकर सिंह के परिजनों ने पहले पेट्रोल से जलाकर मारने का आरोप लगाया, […]

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गोविंद कुमार, गोपालगंज : ठेकेदार रामाशंकर सिंह की हत्या का खुलासा करना पुलिस के लिए चुनौती है. मौत के बाद एक के बाद एक आरोप से पुलिस भी जांच में उलझ गयी है, इसलिए फॉरेंसिक टीम का सहारा लिया जा रहा है. रामाशंकर सिंह के परिजनों ने पहले पेट्रोल से जलाकर मारने का आरोप लगाया, इसके बाद शाम में शव पहुंचते ही तेजाब से नहलाकर मारने का आरोप लगाया. परिजनों के मुताबिक मृतक ठेकेदार की आंख बाहर निकल आयी है.

शरीर से तेजाब की गंध आ रही थी. उधर, मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने ज्वलनशील पदार्थ से जलने की बात बतायी, लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो पा रही है. अस्पताल मंे डॉक्टरों के बीच ठेकेदार को तेजाब िपलायेजा ने की चर्चा रही, लेिकन इसकी पुिष्ट नहीं हो पायी.
ठेकेदार की मौत तेजाब से नहलाकर हुई है या नहीं, पुलिस भी इस पर कुछ भी बताने से परहेज कर रही है. एसपी राशिद जमां का कहना है कि फॉरेंसिक टीम के आने का इंतजार किया जा रहा है. फॉरेंसिक जांच के बाद पूरा मामला स्पष्ट हो जायेगा. जांच के लिए कमरे को सील कर दिया गया है.
कमरे के बाहर कुछ कपड़े जलते हुए मिले हैं, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है. घटनास्थल पर बोतल समेत ऐसे कई सबूत को पुलिस ने बरामद किया है, जिससे घटना का खुलासा करने में मदद मिलेगी. उधर, स्वास्थ्य विभाग ने भी मृतक ठेकेदार के शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए मेडिकल टीम का गठन किया है. गोरखपुर से शव के आने का इंतजार हो रहा था.
पुलिस का कहना था कि शव आने के बाद सीधे पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा जायेगा. प्रभारी सिविल सर्जन डॉ पीएन राम ने बताया कि डीएम के आदेश पर मेडिकल बोर्ड गठन किया जायेगा. पोस्टमार्टम के बाद यह स्पष्ट हो जायेगा कि ठेकेदार की मौत तेजाब से नहलाकर हुई या किसी अन्य ज्वलनशील पदार्थ से.
चीफ इंजीनियर ने कॉल करके बुलाया था
ठेकेदार रामाशंकर सिंह अकेले विभाग में नहीं जाते थे. उनके साथ कर्मी या बेटे अक्सर रहते थे. परिजनों का कहना है कि गुरुवार को कॉल करके चीफ इंजीनियर ने अपने सरकारी आवास पर बुलाया था. आवास पर पहुंचते ही मारपीट की और गार्ड रूम में बंद कर आग लगा दी.
सवाल अब उठ रहा है कि रूम में बंद करने के बाद आग लगायी गयी या तेजाब से नहलाया गया, तो दरवाजा किसने खोला. सदर अस्पताल तक पहुंचाने के बाद जल संसाधन विभाग के कर्मी कहां गायब हो गये. पुलिस अधिकारी इन तमाम बिंदुओं पर जांच कर रहे हैं.
विभाग में फैले करप्शन की भेंट चढ़ गये ठेकेदार रामाशंकर सिंह!
सत्येंद्र पांडेय, गोपालगंज : गोपालगंज . जल संशाधन विभाग के गोपालगंज स्थिति बाढ़ नियंत्रण विभाग में फैले करप्शन ने एक विनम्र व मृदुभाषी इंसान बिहार के प्रमुख ठेकेदार रामाशंकर सिंह की जान ले ली. प्यार से उन्हें लोग चाचा कहकर बुलाते थे. उनके मौत की खबर शाम पांच बजे गोरखपुर से पहुंची, तो लोगों में शोक की लहर दौड़ गयी.
जो जहां था, वहीं स्तब्ध था. लोग समझ नहीं पा रहे थे यह क्या हो गया. दरअसल, भुगतान की राशि को लेकर जला देने का आरोप है. इलाज के लिए गोरखपुर ले जाने के दौरान उनकी मौत हो गयी. परिजनों ने 15 लाख रिश्वत के लिए ठेकेदार को जिंदा जलाने का आरोप लगाया है.
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता मुरलीधर राय के द्वारा अपने सरकारी आवास के निर्माण के दौरान 1.52 करोड़ का कार्य पूरा कराने के बाद संवेदक रामाशंकर सिंह से स्टीमेट से लगभग 85 लाख अधिक का कार्य लिया गया. विभागीय सूत्रों का मानना है कि मुख्य अभियंता को 50 लाख तक ही स्वीकृति देने का अधिकार है. यहां 85 लाख अधिक खर्च हो चुका था.
इसके लिए विभाग से स्वीकृति लेनी थी. इसके लिए पिछले कई महीनों से उनको दौड़ाया जा रहा था. भुगतान नहीं मिलने से वे आजिज हो चुके थे.गंडक विभाग के परिसर में एशियाना कांट्रैक्ट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा मुख्य अभियंता के आवासीय भवन का निर्माण कराया गया था. निर्माण कार्य के बाद भी स्टीमेट से अधिक कार्य करा लिया गया.
अभी कांट्रैक्टर की तरफ से भवन को हैंडओवर नहीं किया गया था. इसके पहले ही मुख्य अभियंता भवन में रहने लगे थे. आवास पर ही अपने कार्यालय का संचालन कर रहे थे, जहां गुरुवार को घटना हुई.जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता मुरलीधर सिंह से 12 अगस्त को भुगतान को लेकर रामाशंकर सिंह की कहासुनी हुई थी.
कार्यालय के लोगों ने समझाकर उनको हटा दिया था.
मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को धमकी दी थी कि किसी भी कीमत पर भुगतान नहीं करेंगे. जो करना है कर लेना. इस पर ठेकेदार रामाशंकर सिंह ने भी कहा था इसके बाद आयेंगे तो भुगतान लेकर जायेंगे. किसी को क्या पता था कि आज रामाशंकर सिंह का अंतिम दिन होगा. इस घटना पर जितनी मुंह उतनी बातें कही जा रही हैं.
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