गया जी में 1,531 करोड़ से बदलेगी विष्णुपद की तस्वीर, 108 फीट की भगवान विष्णु प्रतिमा समेत मिलेंगी कई सुविधाएं

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बैठक के दौरान विधानसभा अध्यक्ष, डीएम व अन्य | Prabhat Khabar Network

गया जी के विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर का कायाकल्प होने जा रहा है. 1531 करोड़ की लागत से बनने वाले इस भव्य प्रोजेक्ट में 108 फीट की भगवान विष्णु की प्रतिमा, आधुनिक श्रद्धालुओं की सुविधाएं और फल्गु नदी पर नए घाट शामिल हैं.

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Vishnupad Temple Corridor Gaya : विष्णुपद टेंपल कॉरिडोर को भव्य, दिव्य और विश्वस्तरीय स्वरूप देने की दिशा में कार्रवाई तेज की जायेगी. बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ प्रेम कुमार ने शनिवार को गया जी जिला अतिथि गृह सभागार में कॉरिडोर के कंसलटेंट, जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर, नगर आयुक्त एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारियों के साथ परियोजना की विस्तृत समीक्षा की.

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बैठक में मास्टर प्लान, निर्माण कार्य, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधाएं, फल्गु नदी के घाटों का विकास और आधारभूत संरचनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई, तथा कंसलटेंट के अनुसार कॉरिडोर का प्रस्तावित निर्मित क्षेत्र 88,340.28 वर्गमीटर व अनुमानित लागत करीब 1,531.29 करोड़ रुपये है.

श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक जनसुविधाओं का प्रावधान

इस परियोजना में करीब 400 बेड वाले पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर और लगभग 540 बेड की डॉरमेटरी का प्रावधान किया गया है, जहां पिंडदान सुविधा, शू व लगेज सेंटर, शौचालय और प्रतीक्षालय जैसी अन्य जनसुविधाएं मिलेंगी.

विष्णुपद मंदिर
विष्णुपद मंदिर

इसके अलावा, 630 कार, 14 बस और 20 मिनी बस की क्षमता वाली मल्टीलेवल कार पार्किंग बनाई जाएगी, साथ ही हाइवे से पार्किंग तक एलिवेटेड रोड, ड्रॉप-ऑफ प्लाजा, डायरेक्ट व्हीकुलर एक्सेस और इ-कार्ट रूट भी विकसित किए जाएंगे.

मंदिर परिसर और सूर्यकुंड का पुनर्विकास

इस महत्वाकांक्षी कॉरिडोर में मुख्य विष्णुपद मंदिर परिसर का उन्नयन, आसपास के चिन्हित मंदिरों का स्थानांतरण व पुनर्वास, सूर्यकुंड का पुनर्विकास और ऐतिहासिक जल संरचना का संरक्षण शामिल है.

मंदिर के प्रवेश क्षेत्र को भी विकसित किया जाएगा तथा करीब 2,000 वर्गमीटर में बैंक्वेट हॉल बनाने का प्रस्ताव है. डॉ प्रेम कुमार ने निर्देश दिया कि आधुनिक सुविधाओं के साथ-साथ मंदिर की प्राचीनता और वास्तु विरासत को पूरी तरह अक्षुण्ण रखा जाए.

फल्गु नदी के दोनों तटों पर आधुनिक घाट और प्रतिमा

फल्गु नदी के पश्चिमी तट पर करीब 451 मीटर और पूर्वी तट पर करीब 410 मीटर क्षेत्र में घाट विकसित किए जाएंगे, जहां छायादार प्रोमेनेड, पैदल पथ, इ-कार्ट रूट, पेयजल, शौचालय, चेंजिंग रूम और शेड जैसी सुविधाएं होंगी.

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इसके साथ ही, 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा को प्रमुख रिवरफ्रंट लैंडमार्क के रूप में स्थापित करने का प्रस्ताव है और पूर्वी तट पर टूरिस्ट फैसिलिटेशन सेंटर के साथ सीता कुंड तक पैदल कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी.

नाला-सीवरेज प्रबंधन और समयबद्ध कार्ययोजना

डॉ प्रेम कुमार ने नालों का पानी सीधे फल्गु नदी में जाने से रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिसके तहत ओपन ड्रेन रिवाइटलाइजेशन, सीवरेज इंफ्रास्ट्रक्चर और एसटीपी का प्रावधान किया गया है. उन्होंने फल्गु नदी की स्वच्छता व पवित्रता बनाए रखने पर जोर देते हुए सभी कार्यों के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं.


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