अरुण भारती के बयान पर HAM का पलटवार, नंदलाल मांझी बोले- हम अपना हक मांग रहे हैं, बौखलाहट क्यों
प्रेसवार्ता में प्रतिक्रिया देते HAM के नेता
केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पर जमुई सांसद अरुण भारती की टिप्पणी के बाद 'हम' पार्टी के सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी और जिलाध्यक्ष टूटू खान ने गया में प्रेसवार्ता कर कड़ा पलटवार किया. नेताओं ने मांझी द्वारा महादलितों के लिए किए गए 5 डिसमिल जमीन, टोला सेवक, विकास मित्र और छात्रवृत्ति जैसे ऐतिहासिक कार्यों को गिनाया.
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को लेकर जमुई सांसद अरुण भारती की ओर से की गई टिप्पणी के बाद बिहार की सियासत गरमा गई है. गुरुवार को हम पार्टी के सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी और जिला अध्यक्ष टूटू खान ने संयुक्त रूप से प्रेसवार्ता कर सांसद अरुण भारती के बयान पर जोरदार पलटवार किया.
सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने कहा कि जीतन राम मांझी के राजनीतिक और सामाजिक योगदान पर सवाल उठाने से पहले उनके कार्यकाल में किए गए कामों को देखना चाहिए. उन्होंने कहा कि मांझी ने हमेशा समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की आवाज उठाई है और विशेष रूप से मांझी, मुसहर एवं भुईया समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं.
आरक्षण में वर्गीकरण का मुद्दा
नंदलाल मांझी ने कहा कि आज कुछ लोग दलित समाज के नाम पर राजनीति करते हैं और खुद को समाज का रहनुमा बताते हैं, लेकिन जब समाज के सबसे वंचित लोगों को आरक्षण में उचित हिस्सेदारी देने की बात आती है तो वही लोग विरोध में खड़े हो जाते हैं.
उन्होंने कहा कि डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण में वर्गीकरण का मुद्दा उठाकर उन परिवारों की आवाज बुलंद की है, जो वर्षों से आरक्षण के बावजूद अपेक्षित लाभ से वंचित हैं. उन्होंने कहा कि आरक्षण का उद्देश्य केवल कुछ लोगों तक लाभ पहुंचाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति को भी शिक्षा, रोजगार और विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है.
हक और हिस्सेदारी की मांग
सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने कहा कि हम पार्टी किसी का अधिकार छीनने की बात नहीं कर रही है. पार्टी सिर्फ यह चाहती है कि जो लोग आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से सबसे पीछे हैं, उन्हें भी आगे बढ़ने का अवसर मिले.
उन्होंने कहा, "हम अपना हक मांग रहे हैं, आप इतना बौखला क्यों रहे हैं? हम कह रहे हैं कि हमें भी अवसर दीजिए, हमें भी आगे बढ़ने का मौका दीजिए. इसमें इतनी घबराहट क्यों है?" उन्होंने आरोप लगाया कि आरक्षण में हिस्सेदारी की मांग करने वाले वंचित समुदायों को डराने-धमकाने की भाषा लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है.
जीतन राम मांझी की उपलब्धियां
प्रेस वार्ता में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के कार्यों को गिनाते हुए कहा गया कि अपने कार्यकाल में उन्होंने मांझी, मुसहर और भुईया समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण काम किया.
साथ ही मुसहर-भुईया समाज के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने की पहल की गई. महादलित आयोग का गठन कर पूरे बिहार में पिछड़े हुए मुसहर भुईया व अन्य को टोला सेवक, विकास मित्र और तालीमी मरकज के पद सृजन कर 40000 से अधिक परिवारों को बहुलता के आधार पर लाभ पहुंचाया गया. मुख्यमंत्री रहते हुए तीन डिसमिल से बढ़ाकर 5 डिसमिल जमीन महादलित परिवारों को देने का प्रावधान किया गया.
केंद्र सरकार और राज्य सरकार की विशेष छात्रवृत्ति प्रोत्साहन के तहत मुसहर समाज और अन्य के बच्चों को लाभ दिया गया. यह सब जमुई सांसद अरुण भारती को नहीं दिखता है, उनको दृष्टि दोष की शिकायत है और चश्मे के लेंस को बदलकर देखना चाहिए.
सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व
जिला अध्यक्ष टूटू खान ने कहा कि यदि चार भाइयों के परिवार में एक भाई को भोजन नहीं मिल रहा हो, तो बड़े भाई का दायित्व है कि वह छोटे भाई की चिंता करे. उसी तरह समाज के भीतर जो वर्ग सबसे पीछे रह गया है, उसे आगे बढ़ाना पूरे समाज की जिम्मेदारी है.
हम पार्टी नेताओं ने सवाल उठाते हुए कहा कि जो लोग खुद को दलितों का रहनुमा बताते हैं, उन्हें यह भी बताना चाहिए कि पिछले वर्षों में मांझी, मुसहर और भुईया समाज के कितने लोगों को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का अवसर मिला. इस मौके पर हम पार्टी के जिला अध्यक्ष टूटू खान, दलित प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष दिना मांझी, डोभी प्रखंड के अध्यक्ष जोगेंद्र मांझी, शेरघाटी अनुमंडल के सांसद प्रतिनिधि मनोज मांझी उपस्थित रहे.
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