गया इस्कॉन मंदिर में 4 सितंबर को जन्माष्टमी, एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद

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इस्कॉन मंदिर में भव्य पंडाल बनकर तैयार | Prabhat Khabar Network

गया इस्कॉन मंदिर में 4 सितंबर को श्री कृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जाएगा. मंदिर परिसर फूलों, रोशनी और रंगोली से सजा है, जहाँ एक लाख से अधिक भक्तों के आने की उम्मीद है. विशेष झांकियों और पारंपरिक अनुष्ठानों के साथ वृंदावन के दर्शन का भी अवसर मिलेगा.

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Gaya ISKCON Temple Janmashtami : गया जी के इस्कॉन मंदिर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी इस बार चार सितंबर को मनायी जायेगी. उक्त कार्यक्रम को लेकर मंदिर प्रबंधन की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं. मंदिर प्रशासन के अनुसार उक्त कार्यक्रम में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है.

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भव्य तैयारियां और इत्र-तिलक से स्वागत

मंदिर प्रबंधक जगदीश श्याम दास ने बताया कि जन्माष्टमी के लिए मंदिर परिसर में भव्य पंडाल बनाया गया है. भगवान के लिए विशेष पोशाकें तैयार की गयी हैं. भीड़ नियंत्रित करने के लिए बैरिकेडिंग की गयी है. बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए प्रशासन से सहयोग मांगा गया है. उन्होंने बताया कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत इत्र व तिलक से किया जायेगा.

विशेष झांकियां और वृंदावन के दर्शन

इस वर्ष जन्माष्टमी महोत्सव में पांच विशेष झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी. इनमें दो झूला झांकियां एवं तीन मंदिर झांकियां शामिल होंगी. वृंदावन वाले श्री राधारमण जी के दर्शन का अवसर भी श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा.

फूलों व रंगोली से सजा मंदिर परिसर

मंदिर परिसर को फूलों, आकर्षक रोशनी एवं रंगोली से भव्य रूप से सजाया गया है. पूरे दिन अखंड एवं मधुर हरिनाम संकीर्तन, श्रीकृष्ण कथा तथा प्रसाद वितरण का आयोजन चलता रहेगा.

मंगल आरती से होगी कार्यक्रम की शुरुआत

जन्माष्टमी के दिन कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 4:30 बजे मंगल आरती से होगा. इसके बाद 5:30 बजे मंत्र ध्यान, 7:30 बजे गुरु पूजा तथा आठ बजे श्रीकृष्ण कथा होगी.

रात में महाभिषेक, भोग और महाआरती

रात में भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य महोत्सव के अंतर्गत नौ बजे से महाभिषेक प्रारंभ होगा. महाभिषेक में पंचगव्य, पंचामृत, विभिन्न प्रकार के फलों के रस, तीर्थ जल, गुलाब जल, चंदन व विभिन्न पवित्र द्रव्यों से भगवान का अभिषेक किया जायेगा. 11:30 बजे भगवान को 108 भोग अर्पित किये जाएंगे तथा मध्यरात्रि 12 बजे महाआरती होगी. महाआरती के बाद सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण किया जायेगा.

अगले दिन नंदोत्सव और प्रभुपाद आविर्भाव दिवस

जन्माष्टमी के अगले दिन पांच सितंबर को नंदोत्सव एवं श्रील प्रभुपाद आविर्भाव दिवस मनाया जायेगा.

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