रेलवे ट्रैक पार करने पर RPF की सख्ती, डीडीयू मंडल में 2143 पकड़े गए; गया पोस्ट से 967 गिरफ्तारियां

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रेलवे ट्रैक पार करते लोग ( सांकेतिक तस्वीर )

पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है. 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 के बीच 2143 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. रेलवे ट्रैक पार करना कानूनन अपराध है और जानलेवा भी हो सकता है.

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Gaya News : रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करने वालों के खिलाफ पूर्व मध्य रेलवे के पंडित दीन दयाल उपाध्याय मंडल में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने सख्त रुख अपनाया है. यात्रियों की सुरक्षा, ट्रेनों के सुचारू एवं समयबद्ध संचालन तथा रेल परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आरपीएफ द्वारा लगातार सघन विशेष अभियान चलाया जा रहा है.

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अभियान के तहत रेलवे ट्रैक पार करते पकड़े जाने वाले लोगों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत विधिक कार्रवाई की जा रही है.

8 महीनों में 2143 लोगों पर कार्रवाई

आरपीएफ के सीनियर अधिकारियों ने बताया कि डीडीयू मंडल द्वारा 1 जनवरी 2026 से 31 अगस्त 2026 तक चलायेगये विशेष अभियान के दौरान रेलवे ट्रैक पार करने वाले कुल 2143 व्यक्तियों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा चुकी है. आंकड़ों के अनुसार फरवरी में सर्वाधिक 417 गिरफ्तारियां हुईं, जबकि जनवरी में 201, मार्च में 170, अप्रैल में 152, मई में 390, जून में 171, जुलाई में 275 और अगस्त में 367 लोगों को पकड़ा गया.

इधर, रेलवे आरपीएफ की टीम ने यात्रियों और आमजन से अपील की है कि वे किसी भी परिस्थिति में रेलवे ट्रैक पार न करें. एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने के लिए केवल ऊपरी पैदल पुल (फुट ओवरब्रिज) अथवा रेल प्रशासन द्वारा निर्धारित सुरक्षित मार्गों का ही इस्तेमाल करें.

आरपीएफ का कहना है कि कुछ कदम बचाने या थोड़ी जल्दबाजी के कारण उठाया गया जोखिम जिंदगी पर भारी पड़ सकता है. रेलवे अधिकारियों ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उसकी प्राथमिकता है. सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रेसपास के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.

ट्रैक पार करना हादसों की बड़ी वजह

रेलवे ट्रैक आम लोगों के आवागमन का मार्ग नहीं है. इसके बावजूद कई लोग प्लेटफॉर्म बदलने, रास्ता छोटा करने अथवा कुछ मिनट बचाने के लिए ट्रैक पार करने का जोखिम उठाते हैं. यह जल्दबाजी कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकती है.

तेज गति से आने वाली ट्रेन को देखकर समय पर ट्रैक से हट पाना हर व्यक्ति के लिए संभव नहीं होता. ऐसे में जान गंवाने या गंभीर रूप से घायल होने की आशंका बनी रहती है. ट्रैक पर अनधिकृत आवाजाही से रेल परिचालन भी प्रभावित हो सकता है.

ट्रैक पार करना कानूनन अपराध

रेलवे ट्रैक को अनधिकृत रूप से पार करना केवल जानलेवा जोखिम ही नहीं, बल्कि कानूनन अपराध भी है. रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत अनधिकृत प्रवेश या रेलवे परिसर/ट्रैक पर अवैध रूप से जाने के मामले में कार्रवाई का प्रावधान है.

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आरपीएफ द्वारा अभियान के दौरान ऐसे लोगों को पकड़कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

गया आरपीएफ पोस्ट 967 गिरफ्तारियों के साथ शीर्ष पर

पोस्टवार कार्रवाई के आंकड़ों में गया आरपीएफ पोस्ट 967 गिरफ्तारियों के साथ सबसे आगे रहा. इसके बाद डेहरी ऑन सोन में 426, डीडीयू में 256, सासाराम में 223 और रफीगंज में 114 लोगों के विरुद्ध कार्रवाई हुई. वहीं जपला में 62, मानसनगर में 56, यार्ड में 33 तथा नवीनगर में छह लोगों को ट्रैक पार करने के आरोप में पकड़ा गया.

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