गया जी में वाहन की चपेट में आने से युवक की मौत, गुस्साए लोगों ने जीटी रोड किया जाम

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रोते-बिलखते परिजन

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Gaya Ji Road Accident: आमस थाना क्षेत्र के राजापुल के पास अज्ञात वाहन की चपेट में आने से महेंद्र मांझी की मौत हो गई. घटना के बाद जीटी रोड पर जाम लग गया और पुलिस जाम हटाने में जुटी रही.

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आमस से एम एम अली की रिपोर्ट
Gaya Ji Road Accident :
आमस थाना क्षेत्र के अंतर्गत कलवन पंचायत में राजापुल के पास रविवार की दोपहर एक अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई. मृतक की पहचान राजपुर गांव निवासी स्वर्गीय झंगल मांझी के 35 वर्षीय पुत्र महेंद्र मांझी उर्फ मतलू के रूप में की गई है. स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, महेंद्र मांझी मजदूरी का काम करता था.

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अज्ञात वाहन की चपेट में आया

रविवार की दोपहर वह खाना खाने के लिए अपने घर आया था. खाना खाने के बाद जब वह वापस मजदूरी करने के लिए जा रहा था, तभी गांव के ठीक सामने जीटी रोड पर एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया, जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई.

जीटी रोड पर लगा लंबा जाम, दोनों ओर वाहनों की लगी कतार

Gaya Ji News : जीटी रोड पर लगा लंबा जाम

इस दुखद हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग को लेकर जीटी रोड को पूरी तरह जाम कर दिया. व्यस्त मार्ग होने के कारण सड़क जाम होते ही दोनों ओर सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप हो गया. दुर्घटना की सूचना मिलते ही आमस थानाध्यक्ष धनंजय कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे. वे आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त करवाने के प्रयास में जुटे हुए हैं.

सात बच्चों के सिर से उठा पिता का साया

इधर, मतलू की इस तरह अचानक हुई दर्दनाक मौत से उसके घर में मातमी सन्नाटा पसर गया है और परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. मृतक की पत्नी मीणा देवी और उसके सात बच्चों सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बहुत बुरा हाल है.

सड़क जाम करते लोग

परिवार पर टूटा मुसीबतों का पहाड़

पिता के साए से महरूम हुए बच्चों में बेटी प्रीती (16 वर्ष), प्रिया (14 वर्ष), अंजलि (12 वर्ष), नीतू (10 वर्ष), आरती (8 वर्ष), तथा बेटा प्रेम (6 वर्ष) और प्रीतम (3 वर्ष) का रोते-रोते बुरा हाल है. स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि मृतक महेंद्र मांझी बेहद गरीब था और अकेले मजदूरी करके अपने सात बच्चों के बड़े परिवार का भरण-पोषण कर रहा था. उसके इस तरह अचानक चले जाने से पूरे परिवार पर दुखों और मुसीबतों का पहाड़ टूट पड़ा है.

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