शेखाबिगहा में पेड़ के नीचे रहने को मजबूर है विकलांग प्रवासी मजदूर
वैश्विक महामारी क्रोना को लेकर दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूर दिव्यांग गणेश यादव किसी तरह अपने गांव उसरी पंचायत के शेखाबिगहा पहुंच गया
मानपुर : वैश्विक महामारी क्रोना को लेकर दिल्ली में फंसे प्रवासी मजदूर दिव्यांग गणेश यादव किसी तरह अपने गांव उसरी पंचायत के शेखाबिगहा पहुंच गया. गांव वालों ने उसे घर या गांव में घुसने की इजाजत नहीं दी. इधर, दिव्यांग गणेश यादव ने गांव से दूर एक बरगद के पेड़ के नीचे खाट डाल कर अपना आशियाना डाल दिया.
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गांव वालों के अनुसार गणेश यादव पिछले तीन-चार दिनों से गांव के बाहर ही अपना जीवन पेड़ के छांव के नीचे गुजार रहा है. स्थानीय लोगों ने कोरोना वायरस उसे जांच के लिए प्रशासन को सूचना दी. लेकिन प्रशासन की उदासीनता के कारण दिव्यांग गणेश को किसी ने सुधि नहीं ली. इससे गांव वालों के बीच एक दहशत से बनी हुई है.
शेखा बिगहा निवासी धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि अगर प्रशासन गणेश को ले जाकर स्वास्थ्य जांच कर लेती है तो वैश्विक रोना महामारी से आक्रांत होने की घटना नहीं हो सकती. इस संबंध में उतरी पंचायत के मुखिया पति विजय कुमार ने बताया कि स्थानीय प्रशासन को फोन कर प्रवासी मजदूर आने की सूचना दी थी फिर भी वह करण टाइम सेंटर नहीं पहुंच पाया. गांव वाले दिव्यांग होने के चलते उसे किसी तरह सहारा भी देने से बच रहे हैं.
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