गया मगध मेडिकल के इमरजेंसी गेट पर जलजमाव, एंबुलेंस को अंदर पहुंचने में लगते हैं 10-15 मिनट

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इमरजेंसी मुख्य द्वार पर जमा पानी | Prabhat Khabar Network

मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी गेट पर वर्षों से जलजमाव की समस्या बनी हुई है. बारिश में स्थिति और बिगड़ जाती है, जिससे एंबुलेंस को मरीज तक पहुंचने में 10-15 मिनट लग जाते हैं. इस गंभीर मुद्दे पर स्थानीय प्रशासन ध्यान नहीं दे रहा है, जिससे पितृपक्ष मेला के दौरान मरीजों की परेशानी बढ़ सकती है.

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राजकीय पितृपक्ष मेला में तीर्थयात्रियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर तैयारियां की जा रही हैं. आपात स्थिति के लिए सदर अस्पताल के साथ-साथ अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के इमरजेंसी में स्पेशल वार्ड की व्यवस्था की जा रही है. हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस और अन्य वाहनों की गति मेन गेट पर थम जाती है.

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बारिश शुरू होते ही गेट पर जलजमाव हो जाता है, जिसकी निकासी की व्यवस्था वर्षों से नहीं की गई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि जलजमाव और सड़क की खराब स्थिति के कारण ई-रिक्शा पलटने और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है.

एंबुलेंस को इमरजेंसी तक पहुंचने में लग रहे 10 से 15 मिनट

अस्पताल में किसी भी आपात स्थिति में जब एंबुलेंस से मरीज को लाया जाता है, तो इमरजेंसी गेट पर जलजमाव और वाहनों के जमावड़े के कारण परिसर के अंदर पहुंचने में 10 से 15 मिनट लग जाते हैं.

चिकित्सकों का कहना है कि गंभीर मरीजों के लिए एक-एक मिनट कीमती होता है, ऐसे में अस्पताल का प्रवेश मार्ग हमेशा बाधा मुक्त होना चाहिए. इसके बावजूद वर्षों से गेट पर अवरोध बना हुआ है.

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ढलाई कराने से निकल सकता है जलजमाव की समस्या का समाधान

वार्ड नंबर 29 के पार्षद रणधीर कुमार गौतम ने बताया कि इमरजेंसी गेट पर जलजमाव से निजात पाने के लिए कुछ दूरी तक ढलाई करना ही एकमात्र समाधान है. ऐसा न किए जाने पर पितृपक्ष मेला के दौरान मरीजों की परेशानी और बढ़ सकती है.

ड्रेनेज सिस्टम का अभाव और आसपास के मोहल्लों का ऊंचा होना बना कारण

अस्पताल परिसर के अंदर समुचित ड्रेनेज व्यवस्था नहीं है. इसके अलावा आसपास के मोहल्ले ऊंचाई पर बसे होने के कारण जलजमाव के पानी को अस्पताल के अंदर भी नहीं बहाया जा सकता है.

रणधीर कुमार गौतम, पार्षद, वार्ड नंबर 29  | Prabhat Khabar Network
रणधीर कुमार गौतम, पार्षद, वार्ड नंबर 29 | Prabhat Khabar Network

नगर निगम बोर्ड में कई बार उठा मुद्दा, नहीं हुई कार्रवाई

पार्षद ने बताया कि नगर निगम की बैठकों में उनके द्वारा इस गंभीर जनसमस्या को कई बार उठाया गया है, लेकिन अब तक प्रशासन या नगर निगम की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया गया है.


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