गया जी : CUSB के छात्र अब गांवों में सिखाएंगे आधुनिक खेती, खेतों में उतरकर शुरू किया कृषि प्रशिक्षण

खेत में धान रोपनी करते सीयूएसबी के स्टूडेंट्स | Prabhat Khabar Network
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (CUSB) ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू की है. बीएससी कृषि के छात्र अब गांवों में जाकर किसानों के साथ काम करेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों का ज्ञान साझा करेंगे.
दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) ने कृषि शिक्षा को कक्षा से निकालकर सीधे खेतों तक पहुंचाने की पहल की है. विश्वविद्यालय के कृषि विभाग ने बीएससी (कृषि) अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (Rural Agriculture Work Experience - RAWE) कार्यक्रम की शुरुआत की है. इस पहल के तहत छात्र गांवों में जाकर किसानों के साथ काम करेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी देंगे.
ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव कार्यक्रम का हुआ शुभारंभ
कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह की पहल पर शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक और शोध आधारित शिक्षा से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि कृषि विभाग आधुनिक कृषि तकनीकों को समाज तक पहुंचाने और विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने का अवसर देने के लिए लगातार प्रयासरत है.
किसानों के साथ मिलकर करेंगे काम, समझेंगे जमीनी समस्याएं
कृषि विभागाध्यक्ष प्रो. अवनीश प्रकाश सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के तहत छात्र विश्वविद्यालय के आसपास के गांवों का भ्रमण करेंगे. वे किसानों और ग्रामीण समुदाय के साथ मिलकर कार्य करेंगे, सामाजिक एवं कृषि संबंधी आंकड़े जुटाएंगे, किसानों की समस्याओं को समझेंगे और वैज्ञानिक खेती से जुड़े नवाचारों की जानकारी साझा करेंगे.
'क्लास-कैंपस-कम्युनिटी' मॉडल को मिलेगा बढ़ावा
उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम 'क्लास-कैंपस-कम्युनिटी' की अवधारणा को मजबूत करेगा. इससे शिक्षा, शोध और समाज के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा. साथ ही ग्रामीण विकास, सामुदायिक सहभागिता और कृषि उन्नयन को भी नई गति मिलेगी.
कृषि अनुसंधान को मिलेगी नई दिशा
विश्वविद्यालय के जनसंपर्क पदाधिकारी (पीआरओ) मोहम्मद मुदस्सीर आलम ने बताया कि कृषि विभाग लगातार अपनी शैक्षणिक और शोध गतिविधियों का विस्तार कर रहा है. बिहार की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को ध्यान में रखते हुए हाल ही में एग्रोनॉमी, हॉर्टिकल्चर तथा जेनेटिक्स एवं प्लांट ब्रीडिंग विषयों में स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं.
राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी विश्वविद्यालय की पहचान
उन्होंने कहा कि नए पाठ्यक्रमों के शुरू होने से विश्वविद्यालय में कृषि अनुसंधान को नई गति मिलेगी. साथ ही कृषि शिक्षा, शोध और किसानों के साथ सतत संवाद के माध्यम से दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय कृषि क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










