गरमी बढ़ते ही इलाके में पेयजल की समस्या शुरू
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Published at :09 May 2017 8:24 AM (IST)
विज्ञापन

डोभी : मौसम के मिजाज बदलते ही वाटर लेबल नीचे की ओर जाने लगा है. चापाकल व बोरिंग में पानी का फोर्स अभी से कम होना शुरू हो गया है. किसान अपने फसल व पशु के लिए अभी से ही चिंतित होने लगे हैं. मौसम की मार से मक्का, आलू लगानेवाले किसान पहले से चिंतित […]
विज्ञापन
डोभी : मौसम के मिजाज बदलते ही वाटर लेबल नीचे की ओर जाने लगा है. चापाकल व बोरिंग में पानी का फोर्स अभी से कम होना शुरू हो गया है. किसान अपने फसल व पशु के लिए अभी से ही चिंतित होने लगे हैं. मौसम की मार से मक्का, आलू लगानेवाले किसान पहले से चिंतित हैं.
सूर्य की तपिश बढ़ने के साथ उनलोगों की ओर भी परेशानी बढ़ने लगी है. कुछ किसान तो ज्यादा गहराई तक लेयरवाली बोरिंग लगवा रहे हैं.
चापाकल को ठीक करने में लगे हैं, तो कहीं वर्षों से मृत पराये कुआं को भी साफ कराते देखी गयी है. कई तालाबें अभी भी सूखने के कगार पर आ गये हैं. वही निजी पंपसेटवालों मनमाने रुपये वसूल रहे हैं.
वे लोग डेढ़ सौ से दो सौ रुपये घंटा पानी बेच रहे हैं. इससे किसानों की हालत खराब है. पशुओं के चारा के भी दाम अभी से आसमान छूने लगे हैं. वहीं, प्रखंड क्षेत्र के किसान नंदकिशोर ठाकुर, संजय कुंवर, अजय कुमार, राजबली भगत, राम सिंह महतो का कहना है कि हमलोग अपने स्तर से सूखा से बचने के लिए चापाकल, बोरिंग, कुआं आदि को ठीक करवाने में लगे हैं.
लेकिन, सरकारी स्तर से यहां के किसानों के लिए पानी की कोई व्यवस्था नहीं की जाती है. यहां राजकीय नलकूप नहीं रहने के कारण यहां के सैकड़ों किसानों काे सूखा के समय हरखुरिया काटने पर विवश हो जाते हैं.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










