शांति को स्थापित करने में अंतरराष्ट्रीय कानून फेल

गया: दक्षिण बिहार केंद्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) में अंतराष्ट्रीय शांति दिवस के मौके पर विश्व ‘शांति नये विकल्पों की आवश्यकता विषय’ पर गोष्ठी का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने विश्व में शांतिपूर्ण सह अस्तित्व की महत्ता पर बल दिया. इस मौके पर पोस्टर प्रतियोगिता भी आयोजित की गयी. गोष्ठी का शुभारंभ शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने शांति […]
राजनीतिक विज्ञान विभाग के डॉ आलोक कुमार गुप्ता ने शांति को मानवता के लिए जरूरी बताया. साथ ही यह भी कहा कि अंतराष्ट्रीय कानून विश्व शांति को स्थापित करने की दिशा में असफल हो चुके हैं.
नये विकल्प के रूप में उन्होंने शिक्षा को महत्वपूर्ण बताया. कहा कि जनसंख्या, धर्म, राजनीति व मीडिया में सामंजस्य स्थापित करने की आवश्यकता है. शिक्षा संकाय के संकायाध्यक्ष प्रो रेखा अग्रवाल ने विश्व शांति के लिए त्याग के महत्व पर बल दिया. छात्र कल्याण के अधिष्ठाता डॉ सनत कुमार शर्मा ने शांति के घंटे के महत्व पर रोशनी डाली. डाॅ पारिजात प्रधान ने शिक्षा में चरित्र निर्माण पर बल दिया. समाजशास्त्र विभाग के डॉ हरेश नारायण पांडेय ने धर्म, राजनीति, शिक्षा व राज्य को जोड़ने पर बल दिया. डाॅ प्रियरंजन ने सदाचार के पालन से विश्वशांति की बात कही. पोस्टर प्रतियोगिता में विजेता व प्रतिभागी छात्रों को पुरस्कृत किया गया. इस मौके पर डॉ जितेंद्र राम व डॉ अभय कुमार ने अपने विचार रखे.
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