गरमी का असर. मांग पूरी करने में छूट रहे पसीने

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 20 Apr 2016 9:39 AM

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गया: शादी-विवाह के लगन के कारण इन दिनों जिले में दूध की मांग बढ़ गयी है. लेकिन, सुधा डेयरी मांग की तुलना में वितरकों को दूध उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है. इस कारण आये दिन डेयरी में किसी-न-किसी वितरक से डेयरी कर्मचारियों की किचकिच होना आम बात हो गयी है. डेयरी को पहले 60 […]

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गया: शादी-विवाह के लगन के कारण इन दिनों जिले में दूध की मांग बढ़ गयी है. लेकिन, सुधा डेयरी मांग की तुलना में वितरकों को दूध उपलब्ध कराने में सक्षम नहीं है. इस कारण आये दिन डेयरी में किसी-न-किसी वितरक से डेयरी कर्मचारियों की किचकिच होना आम बात हो गयी है. डेयरी को पहले 60 हजार लीटर दूध मगध के चारों जिलों से मिल जाता था. लेकिन, फिलहाल डेयरी को इन जिलों से महज 30 हजार लीटर दूध ही मिल पा रहा है. लोगों की मांग को पूरा करने के लिए डेयरी प्रबंधन द्वारा बरौनी से 20 हजार लीटर दूध मंगाया जा रहा है, जबकि इन दिनों वितरकों की मांग एक लाख लीटर दूध से अधिक है.
गया जिले की बात करें, तो आम दिनों में भी गया में दूध की खपत 26 हजार लीटर से अधिक है. उसके बाद प्लेन दही, मीठी दही व लस्सी बनाने के लिए भी दूध का उपयोग किया जाता है. लगन में यह मांग चौगुनी बढ़ जाती है. रामनवमी में इस डेयरी में दूध की मांग 1.30 लाख लीटर पहुंच गयी थी. एक अधिकारी ने बताया कि 21 अप्रैल के लगन के लिए डेयरी को एक लाख लीटर दूध का ऑर्डर पहले से मिल चुका है.

इस डेयरी से औरंगाबाद, जहानाबाद, अरवल व गया जिले को दूध व अन्य चीजों की सप्लाइ की जाती है. गरमी होने के कारण दूध का उत्पादन सभी जगह कम हो गया है. बरौनी से दूध मंगाने के बाद भी सुधा डेयरी अपने ग्राहकों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रही है. मुख्यालय का आदेश है कि सभी डेयरी को लगन के समय दूध का उत्पादन 30 प्रतिशत अधिक करना है. डेयरी प्रबंधन द्वारा दूध की मांग को पूरा करने के लिए पाउडर दूध का भी इस्तेमाल इन दिनों किया जा रहा है. समिति द्वारा गांवों से दूध का कलेक्शन कर डेयरी को भेजा जात था. एक तो दूध के उत्पादन में काफी कमी आयी है, वहीं दूसरी ओर शादी-विवाह के कारण स्थानीय स्तर पर ही दूध की खरीद अधिक दाम देकर कर ली जा रही है.

आरा डेयरी से भी आ रहा दूध
डेयरी के अधिकारी की बात पर विश्वास करें, तो अारा डेयरी से कच्चा दूध मांगे जाने पर वहां से गया को दूध देने से मना कर दिया गया है. हालांकि, आरा डेयरी खुद पैकिंग कर शेरघाटी, दाउदनगर व अरवल के इलाकों में दूध की सप्लाइ कर रहा है. डेयरी प्रबंधन का मानना है कि आरा डेयरी हमारे वितरण क्षेत्र का अतिक्रमण कर रहा है. ऐसा ही होता रहा, तो किसी क्षेत्र पर किसी का नियंत्रण ही नहीं रहेगा. एक अधिकारी का कहना है कि दूर से दूध आने के कारण उपभोक्ताओं को महंगा दूध खरीदना पड़ रहा है.
गरमी के कारण आयी है कमी
गरमी के कारण भैंस व गाय के दूध देने में कमी आयी है. इन दिनों गाय के दूध में थोड़ी-बहुत कमी आती है. परंतु, भैंस के दूध में ज्यादा अंतर हो जाता है. इस मौसम में पशुओं को हरा चारा भी नहीं मिल पाता है. मौसम परिवर्तन के साथ सब सामान्य हो जायेगा.
डॉ आरएस चौधरी, जिला पशु चिकित्सा पदाधिकारी
मांग को पूरा करने का हर संभव प्रयास डेयरी प्रबंधन द्वारा किया जा रहा है. फिर भी दूध की किल्लत होने से लोग परेशान हैं. डेयरी अपनी क्षमता के अनुरूप सप्लाइ करने के लिए तैयार है. बरौनी से दूध मंगाया जा रहा है. लगन होने के कारण वितरकों की मांग एक लाख लीटर से अधिक पहुंच गयी है. इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है.
दिनेश कुमार सिंह, एमडी, सुधा डेयरी
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