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रोके गये 13 कॉलेजों के प्रधानाचार्यो के वेतन

बोधगया: कॉलेजों में होने वाले आय-व्यय का लेखा-जोखा समय पर उपलब्ध नहीं कराने के कारण मगध विश्वविद्यालय (एमयू) के अंगीभूत 13 कॉलेजों के प्रधानाचार्यो के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. आय-व्यय का हिसाब विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने पर ही वेतन का भुगतान होगा. यह निर्णय शनिवार को मगध विश्वविद्यालय के अतिथि भवन […]

बोधगया: कॉलेजों में होने वाले आय-व्यय का लेखा-जोखा समय पर उपलब्ध नहीं कराने के कारण मगध विश्वविद्यालय (एमयू) के अंगीभूत 13 कॉलेजों के प्रधानाचार्यो के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गयी है. आय-व्यय का हिसाब विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराने पर ही वेतन का भुगतान होगा. यह निर्णय शनिवार को मगध विश्वविद्यालय के अतिथि भवन में कॉलेजों के प्रधानाचार्यो व वर्सरों की बैठक में लिया गया. उक्त कॉलेजों ने 2012-13 का वार्षिक लेखा-जोखा अब तक विश्वविद्यालय को जमा नहीं कराया है.

बैठक में राज्य सरकार द्वारा दिये गये शिक्षकों की रिक्तियों से संबंधित फॉर्मेट में कॉलेजों द्वारा कोटिवार रूप से रिक्तियों को नहीं भरने पर भी चर्चा की गयी. कॉलेजों को इसे फिर से भरने को कहा गया. इस दौरान यह बात भी सामने आयी कि एमयू के 44 अंगीभूत कॉलेजों व पीजी विभागों में 1100 शिक्षकों के पद रिक्त हैं. मगध विश्वविद्यालय के बैठक प्रभारी सह पीआरओ डॉ एमएस इसलाम ने बताया कि एनएसएस की गतिविधि सुस्त या निष्क्रिय रखने वाले कॉलेजों का फंड वापस लेकर एनएसएस प्रोग्राम को भी बंद कर दिया जायेगा. साथ ही एनएसएस की गतिविधि वाले कॉलेजों को जल्द ही उपयोगिता प्रमाणपत्र जमा करने का आदेश दिया गया. बैठक में प्रधानाचार्यो व वर्सरों को बताया गया कि राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश के तहत अब खातों का संचालन करने के मद्देनजर नये फॉर्मेट पर कैश बुक का इस्तेमाल होगा. नया फॉर्मेट एमयू के एफओ व एफए द्वारा तैयार किया जायेगा.

उपलब्धियों पर भी चर्चा : पीआरओ ने बताया कि कॉलेजों में खेलकूद की गतिविधियां बढ़ाने व उनकी उपलब्धियों पर भी चर्चा की गयी. कॉलेजों में उपलब्ध विद्यार्थी कोष, वोकेशनल कोर्स, ऑटोमेशन आदि की राशि में से विश्वविद्यालय के हिस्से को जमा करने में कोताही बरतने वाले कॉलेजों के प्रधानाचार्यो व वर्सरों को चेतावनी दी गयी. उन्हें जल्द ही एमयू के हिस्से वाले रुपये जमा कराने को कहा गया. कुलपति प्रो नंदजी कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंगीभूत 33 कॉलेजों के प्राधानाचार्य व वर्सर उपस्थित हुए. बैठक में भाग नहीं लेने वाले प्रधानाचार्यो से कारण पूछा गया है. बैठक में डीएसडब्ल्यू डॉ सीताराम सिंह, कुलसचिव डॉ डीके यादव सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए.

इन कॉलेजों ने बरती कोताही
वर्ष 2012-13 के आय-व्यय का हिसाब नहीं देने वाले कॉलेजों में जगजीवन कॉलेज गया, गया कॉलेज गया, किसान कॉलेज सोहसराय, नालंदा कॉलेज नालंदा, नालंदा महिला कॉलेज नालंदा, एसबीएन कॉलेज लारी-दरहेटा, बीएस कॉलेज दानापुर, बीडी कॉलेज पटना, एएन कॉलेज पटना, जेएनएल कॉलेज खगौल, आरएलएसवाइ कॉलेज बख्तियारपुर, दाउदनगर कॉलेज दाउदनगर व किशोरी सिन्हा महिला कॉलेज औरंगाबाद शामिल हैं.

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