जिनके करोड़ों रुपये बह गये, वे अब भी प्यासे
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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गया: गया शहर स्थित माड़नपुर बाइपास के बाद बसे पंतनगर, मधुसूदन कॉलोनी व बक्स़ुबिगहा आदि नयी कॉलोनियों में रहनेवाले लोग सालों भर पानी के लिए तरसते हैं. यह ड्राइ जोन तो नहीं, लेकिन ड्राइ जोन से कम भी नहीं है. क्योंकि, यहां का पानी पीया नहीं जा सकता. बोरिंग का पानी पूरी तरह खराब है. […]
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गया: गया शहर स्थित माड़नपुर बाइपास के बाद बसे पंतनगर, मधुसूदन कॉलोनी व बक्स़ुबिगहा आदि नयी कॉलोनियों में रहनेवाले लोग सालों भर पानी के लिए तरसते हैं. यह ड्राइ जोन तो नहीं, लेकिन ड्राइ जोन से कम भी नहीं है. क्योंकि, यहां का पानी पीया नहीं जा सकता. बोरिंग का पानी पूरी तरह खराब है. घर में लगी आरओ मशीन भी कुछ ही दिनों में खराब हो जाती हैं. कुल मिला कर आखिरी उम्मीद सप्लाइ वाटर पर है, पर वह उपलब्ध नहीं है.
स्थानीय लोग कहते हैं कि 2007-08 में इस इलाके में भी किर्लोस्कर प्रोजेक्ट के तहत मुख्य सड़क पर पाइपलाइन बिछायी गयी, लेकिन उसका कनेक्शन मुहल्लों में नहीं दिया गया. लोग कहते हैं कि वह खुद से भी पाइप जोड़ सकते थे, लेकिन मुश्किल यह है कि मेन पाइप में भी पानी नहीं आता, यानी सिर्फ पाइप बिछा है. किर्लोस्कर प्रोजेक्ट में हुई लापरवाही का नतीजा भोग रहे कई और मुहल्ले उदाहरण हैं. मुस्तफाबाद में छह महीने से सप्लाइ बंद है. रामपुर, एपी कॉलोनी, चिरैयाटांड़, गेवाल बिगहा, पुलिस लाइन, चाणक्यपुरी कॉलोनी तमाम इलाके 2007 के बाद से ही यह परेशानी झेल रहे हैं. कभी कई-कई दिन तक पानी बंद हो जाता है, तो कभी पाइप फट जाने से हजारों लीटर पानी यों ही बरबाद हो जाता है.
2007 का प्रोजेक्ट, 2008 में होना था पूरा : 2007 में इस प्रोजेक्ट को मंजूरी मिली थी. पीएचइडी की मॉनीटरिंग में किर्लोस्कर ब्रदर्स को काम करने का टेंडर दिया गया. साढ़े 12 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट को 2008 में पूरा हो जाना था. एक साल तक तो पूरा प्रोजेक्ट फाइलों में ही उलझा रहा. कभी खनन विभाग, तो कभी पीएचइडी से एनओसी लेने में ही कंपनी उलझी रही. इसके बाद काम शुरू हुआ, लेकिन हकीकत सामने ही है. टेंडर होने के आठ साल बाद अब भी काम पूरा नहीं हो सका है. कंपनी भी ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है.
प्रोजेक्ट से जोड़े गये इलाके : पुलिस लाइन सिंगरा स्थान, गेवाल बिगहा, गया कॉलेज एरिया, रामपुर, चिरैयाटांड़, सिकरिया मोड़, एपी कॉलोनी, चाणक्यपुरी कॉलोनी, मुस्तफाबाद, बैंक कॉलोनी, बाजार समिति, पंतनगर, मधुसूदन कॉलोनी, मानपुर व अन्य.
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