थानाध्यक्ष ने खुद पर दर्ज की प्राथमिकी

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गया : पुलिस कस्टडी में सुजीत की हुई मौत के बाद उनके पिता विनय सिंह ने मगध मेडिकल थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है. विनय सिंह के आवेदन पर मगध मेडिकल थानाध्यक्ष बृज बिहारी पांडेय ने खुद के विरुद्ध एफअाइआर दर्ज की. मामले की जांच के लिए एसएसपी ने शेरघाटी डीएसपी उपेंद्र प्रसाद […]

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गया : पुलिस कस्टडी में सुजीत की हुई मौत के बाद उनके पिता विनय सिंह ने मगध मेडिकल थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है. विनय सिंह के आवेदन पर मगध मेडिकल थानाध्यक्ष बृज बिहारी पांडेय ने खुद के विरुद्ध एफअाइआर दर्ज की.
मामले की जांच के लिए एसएसपी ने शेरघाटी डीएसपी उपेंद्र प्रसाद को आइओ (इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर) बनाया है और जल्द ही जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है. जानकारी के अनुसार, अमूनन आपराधिक मामलों का आइओ उसी थाने का कोई दारोगा होता है, िजसके अधिकार क्षेत्र में घटना हुई होती है.
मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन का हो रहा पालन
एसएसपी ने बताया कि पुलिस कस्टडी में किसी की मौत होने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की गाइडलाइन के अनुसार कार्रवाई की जाती है. सुजीत के मामले में भी ऐसा ही किया जा रहा है. जहां-जहां रिपोर्ट भेजनी है, उसकी तैयारी की जा रही है. कोशिश है कि दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाये.
उन्होंने बताया िक इस कांड से संबंधित मृत्यु समीक्षा िरपोर्ट िमल गयी है. उसके अध्ययन से स्पष्ट हो रहा है िक सुजीत के शरीर पर मजिस्ट्रेट ने जख्म के िनशान देखे हैं. दोषी पर ठोस कार्रवाई की जायेगी.
मामी के सामने ही सुजीत को पीटते रहे पुलिसवाले
सुजीत की मौत के बाद उसके मामा श्याम किशोर सिंह की पत्नी सरस्वती देवी का रो-रो कर बुरा हाल था. सरस्वती देवी ने बताया कि गत 11 दिसंबर की शाम करीब सात बजे मगध मेडिकल थानाध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय ने कलेर गांव के गढ़ के पास से उनके सामने ही सुजीत को गिरफ्तार किया था.
वह उस समय अपने बच्चों के साथ दवा लेकर घर लौट रही थी. पूछने पर पुलिसवालों ने बताया कि सुजीत के विरुद्ध कोर्ट से गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है. पुलिसवाले उसे लेकर थाने गये. कुछ घंटे बाद उसके घर सियाडीह गांव के रहनेवाले कमलेश यादव आये और कहा कि थाने के बड़ा बाबू बुला रहे हैं.
सुजीत की हालत खराब हो गयी है. थाने गयी, तो देखा सुजीत जमीन पर औंधे मुंह गिरा पड़ा है. उसने उल्टी की है. पूछने पर पता चला कि थानाध्यक्ष बृजबिहारी पांडेय ने उसकी जम कर पिटाई की है. उसने उल्टी को साफ किया. कुछ घंटे बाद सुजीत को मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भरती कराया गया.
अगले दिन 12 दिसंबर को अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड से सुजीत को सामान्य वार्ड में भरती कराया गया, जहां दोपहर में कुछ पुलिसवालों ने उसकी आंखों के सामने ही सुजीत को बेड में बांध कर पिटाई की. विरोध करने पर पुलिसकर्मियों ने उसे धक्का देकर वहां से हट जाने को कहा और धमकी भी दी कि चुप रहो, नहीं तो तुम्हें भी जेल भेज देंगे. इसके बाद शाम में भी पुलिसकर्मियों ने सुजीत की बेरहमी से पिटाई की.
पुलिसवालों ने पीट-पीट कर सुजीत की जान ले ली. सरस्वती देवी ने बताया कि सुजीत ही उनके घर की देखभाल करता था. उनके बीमार पति श्याम किशोर सिंह इलाज के लिए रांची गये हुए हैं, जिसका फायदा पुलिसवालों ने उठाया. पुलिसवालों ने निप्पू सिंह के इशारे पर सुजीत को गिरफ्तार किया और पीट-पीट कर उसकी जान ले ली.
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