गया : 23 साल बाद आया फैसला, हत्या में पांच पुलिसकर्मी दोषी करार

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गया : हत्या के एक मामले में बुधवार को अदालत में पांच पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया गया. त्वरित न्यायालय, प्रथम दिग्विजय सिंह की अदालत में यह फैसला सुनाया गया. इस मामले में गया जिले के कोतवाली थाने की मिरचइया गली के रहनेवाले (मृतक का भाई) सत्येंद्र कुमार ने 1996 में एक परिवाद दायर किया […]

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गया : हत्या के एक मामले में बुधवार को अदालत में पांच पुलिसकर्मियों को दोषी करार दिया गया. त्वरित न्यायालय, प्रथम दिग्विजय सिंह की अदालत में यह फैसला सुनाया गया. इस मामले में गया जिले के कोतवाली थाने की मिरचइया गली के रहनेवाले (मृतक का भाई) सत्येंद्र कुमार ने 1996 में एक परिवाद दायर किया था.

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इसमें पुलिसकर्मी समीर सिंह, नंदू पासवान, शंभु सिंह, विजय प्रकाश व मुंद्रिका प्रसाद यादव के खिलाफ मुकदमा दायर किया था. उन्होंने इस मामले में कहा कि 26 अगस्त, 1996 को उनके भाई मुन्ना कुमार को पूछताछ के लिए उनके घर से पुलिस ले गयी थी. दूसरे दिन जब हम लोग थाने गये, तो थाने में मेरा भाई नहीं था. उसके एक दिन बाद पता चला कि मेरे भाई की हत्या कर दी गयी है. जब पता करने पहुंचे, तो मालूम हुआ उसका पोस्टमार्टम कराने के लिए पुलिस मेडिकल कॉलेज ले गयी है.

मेडिकल कॉलेज पहुंचा, तो वहां पता चला कि पोस्टमार्टम होने के बाद उसे दाह-संस्कार के लिए श्मशान घाट ले जाया जा चुका है. जब श्मशान घाट पहुंचा, तो वहां दाह-संस्कार की तैयारी चल रही थी. हमने अपने भाई के शव को उठा कर न्यायालय ले आया. जहां से फिर से पुलिस मेरे भाई के शव को ले जाकर उसका दाह-संस्कार कर दिया.

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